सरकार ने नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को रामपुर में दी गई 8.277 एकड़ जमीन का सालाना लीज रेंट माफ कर दिया है।
इसी ट्रस्ट ने जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना की है। रामपुर में इस ट्रस्ट को सालाना 30 हजार रुपये के लीज रेंट पर यह जमीन दी गई है।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जौहर विश्वविद्यालय की जमीन के लिए लिया जाने वाला लीज रेंट माफ करने का प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट के समक्ष रखा गया, जिस पर मुहर लगा दी गई।
भविष्य में जौहर विश्वविद्यालय की जमीन के लीज रेंट को लेकर किसी तरह का राजनीतिक विवाद न खड़ा हो, इसके मद्देनजर आजम खां ने इसे माफ कराने का निर्णय कराया है।
आजम को एक और सौगात
वहीं कैबिनेट बैठक में लिए गए एक अहम फैसले के अनुसार रामपुर में ही नगर निकाय का प्रशिक्षण संस्थान बनाया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस संस्थान में नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों व अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पर आने वाली पूरी लागत राज्य सरकार वहन करेगी। मंगलवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर का एक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की केंद्र सरकार की योजना थी।
इसके तहत 65 प्रतिशत रकम केंद्र सरकार को देनी थी जबकि 35 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार को देना था।
2012 में ही खत्म हो गई थी योजना
जनवरी 2013 में प्रदेश सरकार ने इसे रामपुर में बनाने का निर्णय किया।
जब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया तो पता चला कि यह योजना वर्ष 2012 में ही खत्म हो गई। प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव भेजने में विलंब कर दिया।
रामपुर नगर विकास मंत्री मो. आजम खां का गृह जनपद है। इसलिए यह प्रशिक्षण संस्थान उनकी नाक का भी सवाल बन गया था।
अब मंत्री ने इस संस्थान को प्रदेश सरकार के पैसे से बनवाने का प्रस्ताव तैयार करवाया था, जिसे कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।