भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरेजेज को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। कंपनी द्वारा शराब के स्टॉकिस्ट को चपत लगाने के साथ ही सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के मामले की सुनवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में हो रही है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति शशिकांत ने मामले की सुनवाई 29 मार्च को नियत कर दी।
माल्या की कंपनी के अधिकारियों पर शराब के बड़े स्टॉकिस्ट अशोक जायसवाल केग्रुप से मोटी रकम वसूलने के बावजूद सप्लाई नहीं दी। कहा कि बीयर व शराब से लदे ट्रक चोरी हो गए। इसके लिए फर्जी एफआईआर तक दर्ज करा दी गई। पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच में पाया गया था कि माल्या की कंपनी के अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
कंपनी के पदाधिकारियों ने आरोपपत्र खारिज किए जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। आरोपियों के वकील ने शुक्रवार को भी अदालत से याचियों को राहत देने का आग्रह किया। अपर अधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने बताया कि अदालत ने याचियों को कोई राहत नहीं दी।