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महानगर की काला कांकार कॉलोनी में अतिक्रमण करने वाले निजी स्कूल को हाईकोर्ट से राहत नहीं

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महानगर की काला कांकर कॉलोनी के पीछे नाले पर अतिक्रमण के मामले में यूनिवर्सल गर्ल्स पब्लिक स्कूल को हाईकोर्ट ने कोई राहत नहीं दी है।
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अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम की ओर से स्कूल को जारी नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी।
इसे बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने निस्तारित कर दिया। जारी आदेश में नगर निगम से स्कूल का पक्ष सुनकर न्यायोचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
मालूम हो कि काला कांकर कॉलोनी के लोगों ने एक जून को अपने-अपने मकान पर बिकाऊ है का पोस्टर चस्पा कर दिया था।
आरोप लगाया था कि कॉलोनी के पीछे नाले पर करीब सवा सौ लोगों ने अतिक्रमण करके पक्के मकान बना लिए हैं।
कॉलोनी के लोगों ने डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा व नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन से लेकर उच्चाधिकारियों तक से मामले की शिकायत की थी।
इस पर नगर आयुक्त ने नाले पर अतिक्रमण का जायजा लिया था। इसके अगले दिन नगर निगम ने नाले पर रहने वाले करीब 90 लोगों को नोटिस जारी करके तीन दिन में अस्थायी व सात दिन में स्थायी अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी थी।
नाले के पुलिस लाइन की ओर के छोर पर पुलिया के पास यूनिवर्सल गर्ल्स पब्लिक स्कूल ने भी कब्जा करके कई पक्के कमरे बनवा रखे हैं।
इसके चलते नगर निगम ने स्कूल प्रशासन को भी नोटिस जारी करके अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी थी। इस पर स्कूल की ओर से लक्ष्मी दीक्षित के अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम के नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिसमें नौ जून को नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी।
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न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने इस पर नगर निगम से जवाब मांगा था।
बृहस्पतिवार को नगर निगम की ओर से अधिवक्ता नमित शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए बताया कि जिस प्लॉट पर स्कूल बना है वो 4886 वर्ग फीट का है, जबकि याचिका कर्ता के कब्जे में सात हजार से अधिक वर्ग फीट जमीन है।
इसके साथ ही काला कांकर कॉलोनी के पीछे नाले पर अतिक्रमण को लेकर नगर निगम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश की।
इसके बाद हाईकोर्ट ने स्कूल की ओर से अतिक्रमण हटाने के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका निस्तारित कर दी। जारी आदेश में नगर निगम को स्कूल का पक्ष सुनकर न्यायोचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
अदालत ने ये भी कहा कि इस याचिका के जरिए इस मामले के तथ्यों का निपटारा नहीं किया जा सकता है। हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका कर्ता को छूट दी है कि वो सिविल कोर्ट या संबंधित अफसरों को अर्जी देकर अप्रोच कर सकती हैं।
संबंधित प्राधिकारी अर्जी पर गौर करके कानून के मुताबिक निर्णय लें। अदालत ने ये भी कहा कि संबंधित प्राधिकारी निर्णय लेते समय ये तथ्य ध्यान में रखेंगे कि जिस नाले पर कथित अतिक्रमण बताया गया है उसी परिसर में कक्षा दस तक का शिक्षण संस्थान चल रहा है। इस आदेश के साथ हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।
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93 लाख अर्थदंड लगा सकता है नगर निगम
नगर निगम ने नौ जून को यूनिवर्सल गर्ल्स पब्लिक स्कूल को जो नोटिस जारी किया था उसमें कहा था कि स्वयं अतिक्रमण हटा लें अन्यथा अतिक्रमण हटाकर इसका खर्च वसूल किया जाएगा। इस नोटिस में नगर निगम ने 93 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाने की बात कही थी।
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