लखनऊ। पीलीभीत में मृत मिली बाघिन के चारों शावक सोमवार से बाड़े में उछलकूद व धमाचौकड़ी करते नजर आएंगे। तीन माह से जू के अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में मौजूद इन शावकों को बाड़े में शिफ्ट किया जा रहा है। जू पहुंचने वाले दर्शक सोमवार से इनका दीदार कर सकेंगे।
गत मार्च में पीलीभीत में एक बाघिन का शव मिला था। उसका शिकार किए जाने की आशंका जताई गई। इसके बाद आईवीआरआई बरेली की टीम को जांच भी सौंपी गई। बाघिन का शव मिलने के बाद उसके शावकों को ढूंढने के लिए वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। इसमें लखनऊ जू के अधिकारी भी शामिल थे। टीम ने ग्रामीणों की मदद से 12 दिन बाद चारों शावकों को खोज निकाला और उन्हें लखनऊ चिड़ियाघर ले आए। शावकों की हालत बेहद खराब थी, इसलिए इन्हें जू में बने अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। यहां इनकी डाइट से लेकर हर मूवमेंट पर नजर रखी गई। इससे धीरे-धीरे शावकों की हालत सुधरने लगी। करीब तीन महीने बाद अब इनकी हालत बेहतर है। इसलिए अब जू प्रशासन इन्हें दर्शकों से रूबरू करवाने की तैयारी में है। जू के निदेशक आरके सिंह ने बताया कि चारों शावकों की हालत पहले से बेहतर है। वे बड़े हो गए हैं और उनकी डाइट भी ठीक हो गई है। इसलिए उन्हें दर्शकों के लिए बाड़े में शिफ्ट किया जा रहा है। शावकों को लायन हाउस बाड़े में रखा जाएगा। जहां पहले पृथ्वी रहा करता था। चिड़ियाघर में 10 बाघ पहले से हैं। इन शावकों को मिलाकर अब कुल 14 बाघ जू में हो जाएंगे।
शावकों में दो नर दो मादा
पीलीभीत से लाए गए शावकों में दो नर और दो मादा हैं। शावकों के नामकरण के लिए जू प्रशासन ने दर्शकों से आवेदन मांगे थे। इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर आने से जू बंद कर दिया गया। हालांकि, दर्शकों ने अच्छी खासी संख्या में आवेदन भेजे हैं। शावकों को बाड़े में शिफ्ट करने के बाद इनका नामकरण किया जाएगा।