तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर रेलवे ने मंगलवार से नई व्यवस्था शुरू की। यात्रियों को लगा कि आईआरसीटीसी एजेंटों की बुकिंग समय में कटौती से उन्हें टिकट मिल जाएगा, लेकिन तत्काल टिकट के नाम पर उनके हाथ मायूसी लगी। कोटा के लिए बुकिंग शुरू होते ही रिग्रेट दिखने लगा। ज्यादातर लोगों को तत्काल में वेटिंग टिकट तक नसीब नहीं हुआ।
रेलवे प्रशासन ने तत्काल टिकटों में फर्जीवाड़ा रोकने और प्रामाणिक यात्रियों को राहत देने के लिए व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के पहले 30 मिनट तक केवल प्रामाणिक यात्री ही आईआरसीटीसी की वेबसाइट, एप या टिकट काउंटर से टिकट बुक कर सकेंगे। 30 मिनट बाद ही अधिकृत एजेंट बुकिंग कर पाएंगे। चारबाग रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षित टिकट काउंटर पर तत्काल टिकट लेने पहुंचे यात्रियों ने बताया कि उन्हें टिकट नहीं मिला। बुकिंग हाल में प्रवेश से पहले सुरक्षाकर्मियों ने लाइन में लगा दिया। उनकी फोटो ली। बुकिंग शुरू होते ही अधिकतर ट्रेनों में तत्काल कोटा रिग्रेट दिखने लगा।
निर्भय सिंह ने बताया कि बुधवार को जम्मू जाने के लिए सुबह 10 बजे चारबाग स्टेशन पहुंचा। फार्म भरकर काउंटर पर दिया, लेकिन बताया गया कि सभी सीटें रिग्रेट हैं। वेटिंग टिकट भी नहीं मिला। मजबूरी में लौटना पड़ा। राजन कुमार निगम को मुजफ्फरपुर जाना था। काउंटर पर कहा गया कि तत्काल की सभी सीटें फुल हैं। पहले कम से कम वेटिंग टिकट मिल जाता था, जिससे कन्फर्म होने की संभावना रहती थी। अब वह भी नहीं रहा।
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, लखनऊ मेल में द्वितीय एसी के लिए 24 और तृतीय एसी के लिए 36 सीटों का तत्काल कोटा निर्धारित है, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद 16 सीटों के बाद रिग्रेट दिखना शुरू हो गया। इससे कई यात्री टिकट नहीं ले सके। हालांकि, लखनऊ-दिल्ली एसी एक्सप्रेस में देर शाम तक सीटें उपलब्ध रहीं।