योग शिविर के नाम पर राजनीति करने वाली संस्थाओं की अब खैर नहीं है। ऐसी संस्थाओं को चिह्नित कर भविष्य में इन्हें योग शिविर लगाने की इजाजत न देने का फैसला हुआ है।
चुनाव आयोग ने इसका पालन कड़ाई से करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के निर्देशों के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को नए दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। इस समय आचार संहिता लागू है।
इन दिनों कई संस्थाएं योग शिविर लगाने की इजाजत लेती हैं। लेकिन योग शिविर के बहाने प्रत्याशी चुनाव प्रचार कर रहे हैं। गैर राजनीतिक मंच के नाम पर इजाजत लेने के बाद यह मंच राजनीतिक बन जाते हैं।
इसी को लेकर चुनाव आयोग ने नाराजगी जताई है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को इस तरह के योग शिविरों पर निगाह रखने के लिए कहा गया है।