यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021: मतगणना करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए भाजपा, सपा और बसपा किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। हां निर्दलीयों के हाथों में जरूर इसकी चाबी है। सभी की निगाहें 29 निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों पर टिकी हुई हैं और संभावित दावेदार अब इनको साधने में जुट गए हैं।
जिले में जिला पंचायत सदस्य की 57 सीटें हैं। सत्तारुढ भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी तथा बसपा ने पूरे दमखम के साथ अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे। दलों ने ज्यादातर सीटों पर पार्टी समर्थित उम्मीदवारों का मैदान में उतारा। लेकिन जब चुनाव का परिणाम आया तो भाजपा को 11 सीटों से ही संतोष करना पड़ा, जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार 12 सीटों पर जीते हैं।
वहीं बसपा के खाते में चार सीटें गई है। जबकि 30 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इस तरह से अब सभी की निगाहें निर्दलीय उम्मीदवारों पर टिक गई हैं क्योंकि ये जिस ओर झुकेंगे उसी दल का जिला पंचायत अध्यक्ष होगा। वहीं पूर्व सांसद रामसागर रावत, भाजपा के शशांक कुशमेश, पूर्व विधायक राजरानी रावत आदि ने निर्दलीयों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं निर्दलीय अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की रणनीति बनाने में लगे हुए हैं।