एलडीए हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए अब बिना किसी भी तरह का शुल्क लिए मानचित्र पास करेगा।
सभी तरह के विकास शुल्क और मानचित्र शुल्कों को हाईकोर्ट ने हाल ही के अपने एक फैसले में अवैध करार दे दिया है। इस वजह से प्राधिकरण में मानचित्र पास नहीं हो पा रहे हैं।
ऐसे हालातों से बचने के लिए एलडीए ने अब बिना शुल्क के मानचित्र पास करने का निर्णय लिया है। इसमें एक शर्त यह होगा कि, जो भी व्यक्ति मानचित्र पास कराएगा, उसको एक हलफनामा देना होगा।
इस हलफनामे के मुताबिक जब शासन विकास शुल्कों को लेकर प्रदेश स्तर की स्पष्ट नीति बना देगा, उसके बाद में आवेदक को वे सारे शुल्क प्राधिकरण में जमा करने होंगे। तब ही मानचित्र रिलीज किया जाएगा और कंपलीशन सर्टिफिकेट मिल सकेगा।
विकास शुल्क सहित मानचित्र के तमाम शुल्कों के बिना लखनऊ विकास प्राधिकरण में कुछ समय से नक्शों को पास करने की प्रक्रिया ठप पड़ी थी। एलडीए के अधिकारी भी असमंजस में थे।
जबकि, शासन इस संबंध में जल्द ही नई नीति जारी करने की तैयारी कर रहा है। फिर भी जब तक यह नीति नहीं जारी होती है, प्राधिकरण मानचित्र पास नहीं कर रहा था।
दरअसल हाईकोर्ट के फैसले के चलते अगर इस दौरान कोई भी नक्शा पास किया गया तो बिना कोई शुल्क लिए ही जारी करना होगा। अब मानचित्र पास करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
अदालत ने विकास शुल्कों को गलत बताया है, इसलिए एलडीए अब इन शुल्कों की वसूली नहीं करेगा। लोगों को हलफनामा देना होगा, कि वे विकास शुल्क की नीति आते ही सभी मदों का भुगतान कर देंगे। अन्यथा उनका मानचित्र अवैध करार दे दिया जाएगा।