मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के समर्थक मतदाताओं में कोई सेंध नहीं लगा सकता। उपचुनाव के परिणाम से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश की जनता 2019 में भी भाजपा को वैसा ही समर्थन देगी, जैसा 2017 में दिया था।
सपा, बसपा व कांग्रेस परिवारवादी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा को राजनीतिक या लोकतांत्रिक दल कहना लोकतंत्र का अपमान होगा। ये परिवारवादी पार्टियां हैं। प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां हैं। इनके पास लोकतांत्रिक ढांचा नहीं है। इनका चाल व चरित्र जनता समझ गई है।
मुहावरा है सांप-छछूंदर
योगी ने कहा कि उन्होंने सपा-बसपा की तुलना सांप-छछूंदर से करके कोई अमर्यादित टिप्पणी नहीं की। यह तो मुहावरा है। मुहावरे अमर्यादित नहीं होते। पर, जो कहा था वह सही है।
राम मंदिर पर अच्छी दिशा में आएगा फैसला
राम मंदिर पर संसद में कानून बनाकर इसका समाधान करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामले पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। राम जन्मभूमि राजनीति नहीं, देश की आस्था का मुद्दा है। भाजपा ने संविधान के दायरे में रहकर समाधान के प्रयास की बात कही है। उच्चतम न्यायालय पर विश्वास करना चाहिए, अच्छी दिशा में फैसला आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और संगठन पर एक ही व्यक्ति का नेतृत्व होना आदर्श व्यवस्था नहीं है। सरकार और संगठन का काम अलग-अलग है। सरकार को सभी के कल्याण के लिए काम करना है जबकि संगठन का लक्ष्य सिर्फ अपनी मजबूती और कार्यकर्ताओं की चिंता होती है। एक ही व्यक्ति के हाथ में दोनों का नेतृत्व सरकार की सोच को सीमित करता है। संगठन और सरकार अलग-अलग व्यक्ति के हाथ में होने से कामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। हमारे यहां कोई मतभेद नहीं है। जनहित के मुद्दों पर फैसला लेने के लिए सरकार और संगठन साथ बैठते हैं। भाजपा सरकार उनमें नहीं है जो एक काडर विशेष या पार्टी विशेष के लिए कोई पॉलिसी तय करे।
आपको ही मुबारक हों नरेश अग्रवाल
नरेश अग्रवाल को लेकर पूछे गए सवाल पर योगी ने जो कुछ कहा, उससे साफ हो गया कि अग्रवाल को लेकर भाजपा के कई नेता काफी असहज हैं। योगी से जब अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने का सवाल हुआ तो वे बोले,‘नरेश अग्रवाल आपको मुबारक हों।’ हालांकि बाद में उन्होंने खुद को संभालते हुए कहा कि अग्रवाल को भाजपा में शामिल करना संगठन का विषय है, सरकार का नहीं।
कर्ज न चुकाने वाले किसानों के बंद खाते खुलवाने पर विचार
एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। कॉमर्शियल बैंकों सहित कई अन्य बैंकों ने उन किसानों के खाते बंद कर दिए हैं जो अपना कर्ज नहीं चुका पाए। इस कारण इन किसानों को फसली ऋण भी नहीं मिल रहा। हम चाहते हैं कि इन किसानों के खाते फिर शुरू करवाए जाएं, पर कामर्शियल बैंकों के मामले में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। सरकार की तरफ से बात की जा रही है। हम चाहते हैं कि किसानों पर बकाया कर्ज का 75 प्रतिशत सरकार चुका दे और शेष 25 प्रतिशत बैंक माफ करके लघु एवं सीमांत किसानों के एनपीए घोषित खातों को चालू कर दें।