एक महीने तक नगर निगम अपनी कमाई से कोई विकास कार्य नहीं करा पाएगा। विकास कार्य के लिए नगर निगम निधि से जितने बजट की व्यवस्था की गई थी। वह खर्च हो गया।
इसके कारण अब इस मद से होने वाले पांच करोड़ रुपये विकास कार्य रोक दिए गए हैं। इस रोक के पुनरीक्षित बजट पास होने के बाद ही हटने के आसार हैं।
बजट पास होने में अभी करीब एक महीने का समय लग जाएगा क्योंकि इस समय नगर निगम की कार्यकारिणी ही अधूरी है।
कार्यकारिणी केछह सदस्यों का चुनाव होना है। उसके बाद ही कार्यकारिणी प्रभाव में आएगी और तब उसमें पुनरीक्षित बजट पेश किया जा सकेगा।
चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट में नगर निगम ने करीब 70 करोड़ रुपये का प्राविधान किया था। वित्तीय वर्ष में अभी चार महीने शेष हैं और नगर निधि खर्च हो गई है।
ऐसे में अब इस मद से प्रस्तावित नए विकास कार्य रोक दिए गए हैं। पार्षद कोटे के कार्य भी इसी मद से होते हैं। जिससे उन पर असर पड़ेगा।
विकास कार्यों का बजट समाप्त हो गया है यह तब सामने आया जब मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी राजेंद्र सिंह की ओर से मुख्य अभियंता को पत्र लिखा गया।
जिसमें यह कहा गया कि पूर्व में नगर अभियंताओं को यह बताया गया कि नगर निगम निधि में धन नहीं बचा है।
इसके बाद भी वह नगर निगम निधि मद से विकास कार्यों की पत्रावलियों लेखा विभाग में बजट की मंजूरी केलिए भेज जा रहे हैं।
वरिष्ठ वित्त एंव लेखाधिकारी के इस पत्र के बाद मुख्य अभियंता एसके अम्बेडकर ने सभी छह नगर अभियंताओं को आदेश जारी किया है पत्रावलियां लेखा विभाग को न भेजें।
वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी ने बताया कि करीब एक महीने पहले ही नगर निगम निधि का बजट विकास कार्यों पर खर्च हो चुका है।
अक्टूबर माह में यदि पुनरीक्षित बजट पास हो जाता तो यह दिक्कत नहीं होती।