रेटिंग एजेंसी ने परिचालकीय (ऑपरेशनल) एवं वित्तीय (फाइनेंशियल) प्रदर्शन के मानकों पर बिजली कंपनियों की ग्रेडिंग की है। इसमें बिजली कंपनियों को मिली वित्तीय सहायता, बिजली की आपूर्ति और उसके एवज में की जाने वाली वसूली का औसत, लाइन हानियां, नियामक गतिविधियां, टैरिफ प्रस्ताव का दाखिला, ऑडिटेड अकाउंट, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कंप्यूटराइजेशन, बैंकों व वित्तीय संस्थाओं की देनदारियां, वैकल्पिक ऊर्जा खरीदने की अनिवार्यता का अनुपालन समेत अन्य बिंदु शामिल हैं।
बिजली कंपनियों के कामकाज में सुधार हो
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि सरकार को बिजली कंपनियों की परफार्मेंस में सुधार पर ध्यान देना चाहिए। बीते वर्षों के मुकाबले कुछ सुधार जरूर हुआ है लेकिन रेटिंग में शीर्ष पर जगह बनाने के लिए तेजी से सुधार की जरूरत है।