नीति आयोग ने यूपी सरकार से समान कार्य पद्घति वाले विभिन्न विभागों का विलय कर नए विभागों का पुनर्गठन करने को कहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने आयोग को बताया कि जल्द ही सरकार विभागों के विलय व पुनर्गठन को लेकर बैठक करने जा रही है। इसमें समान कार्यपद्घति से जुड़े विभागों का विलय कर नए विभाग का पुनर्गठन किया जाएगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा प्रशासनिक सुधार की दृष्टि से नीति आयोग विभागों के विलय और पुनर्गठन का समर्थन कर रहा है।
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केंद्र की योजनाओं की समीक्षा करने बृहस्पतिवार को लखनऊ आए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के कार्यों में तेजी की आवश्यकता जताई है। राजीव कुमार ने कहा कि खुले में शौच के मामले में देश के सर्वाधिक पिछड़े 200 जिलों में से 53 जिले यूपी के थे। इन्हें आगे बढ़ाना बहुत बड़ी चुनौती है।
यदि 53 जिलों को आगे बढ़ा दिया तो सब बढ़ जाएंगे, यदि इन्हें आगे नहीं बढ़ाया तो असमानता बढ़ेगी। आयोग इन पिछड़े जिलों को विकसित करने पर ही ध्यान दे रहा है। उन्होंने यूपी में केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए कहा कि ‘उत्तर प्रदेश चल पड़ा है’।
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केंद्र की योजनाओं की समीक्षा करने आए राजीव ने बृहस्पतिवार को यहां एनेक्सी में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के एक महीने में श्रम कानून में परिवर्तन का प्रस्ताव कैबिनेट में मंजूर कराकर दिल्ली भेजना बड़ा काम है। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में बहुत काम हुआ है। 10 लाख से ज्यादा मकान बन गए हैं।
2016-17 का बकाया काम भी पूरा
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, 2016-17 का बकाया काम भी पूरा हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में काफी काम करना है। शहरी आवास बनने से प्रदेश की आर्थिक गति के साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आयोग के लिए उत्तर प्रदेश सर्वोच्च प्राथमिकता वाला प्रदेश है, क्योंकि यूपी बढ़ेगा तो देश बढ़ेगा। राजीव कुमार ने कहा कि यूपी सरकार ने अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इसमें फंड को लेकर केंद्र के स्तर से दिक्कत आ रही है। इसको लेकर नीति आयोग सरकार से बात करेगा।
राज्यों के पार्टनर के रूप में काम करेंगे
राजीव कुमार ने कहा कि नीति आयोग राज्यों के साथ उनके डवलपमेंट पार्टनर के रूप में काम करना चाहता है। हम हर प्रदेश के साथ उसकी पहचान और आवश्यकता के अनुरूप मिलकर काम कर रहे हैं।
टीम यूपी ने पकड़ ली है रफ्तार
राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुरूप प्रदेश में केंद्र की योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में टीम यूपी ने गति पकड़ ली है। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वच्छता, सिंचाई एवं जल संसाधन, उद्योग, कृषि और शहरी विकास समेत नौ समूह बनाए गए हैं। प्रत्येक समूह की मासिक समीक्षा की जाएगी। सभी नौ समूहों की त्रैमासिक समीक्षा जॉइंट वर्किंग ग्रुप करेगा। प्रयास है कि जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में समीक्षा हो।
...तो सरकार खुद बनवाएगी पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को किसी योजना में शामिल नहीं करती है तो राज्य सरकार खुद के संसाधनों से दोनों एक्सप्रेस-वे बनवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वे गुरुवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को लेकर नीति आयोग की पिछले दिनों हुई बैठक में एक्सप्रेस-वे की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी गई है। अगर मंजूरी नहीं मिली तो राज्य सरकार अपने संसाधनों से इसे बनवाएगी। हालांकि आयोग का प्रयास है कि इसे मंजूरी मिल जाए। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 80 फीसदी भूमि का अधिग्रहण हो गया है।
एनसीआर में एनजीटी की रोक अंतरिम है
मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली व उसके आसपास के क्षेत्रों में फॉग की समस्या है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति ने पड़ोसी राज्यों को कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार उसी के अनुसार काम कर रही है।
एनसीआर में निर्माण पर एनजीटी की रोक का आदेश तात्कालिक परिस्थितियों के मद्देनजर दिया गया है। वह अंतरिम रूप से अगले मंगलवार तक है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या का समाधान सभी के सहयोग के बिना संभव है। इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की गई है।
बुंदेलखंड पैकेज और अर्द्धकुंभ के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाएं
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग से बुंदेलखंड पैकेज के विस्तार और प्रयाग में अर्द्धकुंभ के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव मंजूर कराने का आग्रह किया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के साथ बैठक में बुंदेलखंड और अर्द्धकुंभ के लिए आवश्यक बजट जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
योगी ने कहा कि एक्शन प्लान फॉर उत्तर प्रदेश को प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाएगा। राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं निर्णयात्मक जड़ता खत्म कर कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अब तक लगभग 8 लाख आवास स्वीकृत कर लाभार्थियों के खाते में 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक भेज दिए गए हैं। दिसंबर तक 30 जिलों को ओडीएफ घोषित कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने तथा उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए गन्ना किसानों को बकाया भुगतान, फसली ऋण मोचन योजना और किसान कॉल सेंटर स्थापना जैसे कदम उठाए हैं।
बुंदेलखंड क्षेत्र की एक सिंचाई परियोजना मात्र 64 करोड़ रुपये की कमी के चलते काफी दिनों से लंबित थी। जरूरी रकम तत्काल उपलब्ध कराते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है। सरयू परियोजना को जल्द पूरा कराने के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मार्च 2018 तक 60 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। राज्य में उद्योगों की स्थापना एवं पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू की गई है। कौशल विकास मिशन के तहत लगभग तीन लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने का काम चल रहा है।