निर्मोही अखाड़े की बैठक में मौजूद संत।
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सरपंच राजारामचंद्राचार्य ने बैठक के बाद कहा कि वे ट्रस्ट से पूजा पाठ का अधिकार मांगेंगे। महंत राजा रामचंद्राचार्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में रखने की बात कही थी। निर्मोही अखाड़ा एक संस्था है, यहां एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पंचायती व्यवस्था है।
महंत दिनेंद्र दास को ट्रस्टी बनाते समय पंचों से कोई राय नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को लेकर असहमति है। इसलिए हमारी मांग है कि महंत दिनेंद्र दास के अलावा छह और पंचों को ट्रस्ट में जगह दी जाए।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि सरपंच राजारामचंद्राचार्य, उप सरपंच नरसिंह दास, रामसुरेश दास राधेबाबा, महंत रामस्वरूप दास, महंत घनश्याम दास व महंत भगवान दास उर्फ शृंगारी बाबा को भी ट्रस्ट में शामिल किया जाए। साथ ही पूजा-पाठ का अधिकार भी हमें सौंपा जाए क्योंकि निर्मोही अखाड़ा हमेशा से ही रामलला मंदिर में पूजा-पाठ करता रहा है।