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राममंदिर ट्रस्ट में छह अन्य पंचों को शामिल करने की उठी मांग, निर्मोही अखाड़े ने बनाया प्लान

Thu, 13 Feb 2020 06:49 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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- फोटो : amar ujala
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निर्मोही अखाड़े के सरपंच समेत पंचों ने सरकार व नवगठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से विराजमान रामलला के पूजा-पाठ का अधिकार मांगा है। साथ ही नाराजगी जताते हुए महंत दिनेंद्र दास के अलावा छह अन्य पंचों को भी ट्रस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया है। अब यह प्रस्ताव 19 फरवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रस्ट की पहली बैठक में महंत दिनेंद्र दास पेश करेंगे।

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राममंदिर निर्माण के लिए सरकार की ओर से गठित किए गए नए ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की उपेक्षा से असंतोष गहरा गया है। निर्मोही अखाड़े के हिंदू पक्षकार व सरपंच राजारामचंद्राचार्य की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में रामलला के पूजा-पाठ का अधिकार देने की मांग उठाई गई।

पंचों ने सरकार व ट्रस्ट प्रबंधन को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि पूरे मामले में मुगल शासकों से लेकर अंग्रेजी हुकूमत और फिर निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक वास्तविक हक की लड़ाई निर्मोही अखाड़े ने ही लड़ी। सदियों से यहां अखाड़ा की पूजा पद्धति से ही साधु-संत रामलला का पूजन करते रहे हैं।
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निर्मोही अखाड़े में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक करीब चार घंटे तक चली। बैठक में 13 पंचों में से 7 पंच समेत राममंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी बनाए गए महंत दिनेंद्र दास उपस्थित रहे। अध्यक्षता कर रहे निर्मोही अखाड़े के सरपंच राजा रामचंद्राचार्य ने कहा कि नए ट्रस्ट में कई खामियां हैं। सरकार ने ट्रस्ट गठन के दौरान निर्मोही अखाड़े की राय नहीं ली। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि निर्मोही अखाड़ा पूजा-पाठ का अधिकार मांगेगा। इसके लिए 19 फरवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रस्ट की पहली बैठक में ट्रस्टी बनाए गए महंत दिनेंद्र दास द्वारा प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

'सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में रखने की बात कही थी'

निर्मोही अखाड़े की बैठक में मौजूद संत। - फोटो : amar ujala
सरपंच राजारामचंद्राचार्य ने बैठक के बाद कहा कि वे ट्रस्ट से पूजा पाठ का अधिकार मांगेंगे। महंत राजा रामचंद्राचार्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में रखने की बात कही थी। निर्मोही अखाड़ा एक संस्था है, यहां एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पंचायती व्यवस्था है।

महंत दिनेंद्र दास को ट्रस्टी बनाते समय पंचों से कोई राय नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को लेकर असहमति है। इसलिए हमारी मांग है कि महंत दिनेंद्र दास के अलावा छह और पंचों को ट्रस्ट में जगह दी जाए।
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इन नामों को ट्रस्ट को शामिल करने की मांग

- फोटो : amar ujala
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि सरपंच राजारामचंद्राचार्य, उप सरपंच नरसिंह दास, रामसुरेश दास राधेबाबा, महंत रामस्वरूप दास, महंत घनश्याम दास व महंत भगवान दास उर्फ शृंगारी बाबा को भी ट्रस्ट में शामिल किया जाए। साथ ही पूजा-पाठ का अधिकार भी हमें सौंपा जाए क्योंकि निर्मोही अखाड़ा हमेशा से ही रामलला मंदिर में पूजा-पाठ करता रहा है।
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