जेल में बंद कैदी (प्रतीकात्मक)
- फोटो : social media
जालौन के कालपी क्षेत्र की जिस महिला का अपहरण कर हत्या किए जाने का अगस्त 2008 में मुकदमा दर्ज हुआ था, उसे सीबीसीआईडी ने जीवित तलाश लिया है। पर, परिवार ने उसकी शिनाख्त करने से इनकार कर दिया। हालांकि आसपास के लोगों व रिश्तेदारों ने गायत्री की शिनाख्त की। जांच एजेंसी की उसकी मां राजरानी व पिता राम प्रकाश से इसकी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराने को कहा तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। अब जांच एजेंसी ने अदालत से डीएनए टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है।
सीबीसीआईडी के डीएसपी कमर मजीद ने बताया कि गायत्री ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में कहा है कि घर के बाहर देर तक खेलने पर मां की डांट से नाराज होकर वह दिल्ली चली गई थी। उस समय उसकी उम्र 16 साल थी। दिल्ली में एक सरकारी कर्मचारी ने उसे आश्रय दिया और बाद में अलीगढ़ में रहने वाले अपने भतीजे से विवाह करा दिया था। यहां वह पति व तीन बच्चों के साथ रह रही थी।
जबकि उसकी मां राजरानी ने एक अगस्त 2008 को आसपास रहने वाले नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके डेढ़ माह एक युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। राजरानी व उसके परिवार ने शव की पहचान गायत्री के तौर पर की थी। इसके बाद कालपी पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनकी वर्ष 2009 में जमानत हो सकी थी। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।