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यूपी में नौ आईएएस अफसरों के तबादले, यशवन्त राव बने मुरादाबाद के मण्डलायुक्त

Thu, 03 Jan 2019 12:12 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त के रिक्त पद पर तैनाती के साथ ही नौ आईएएस व एक पीसीएस अधिकारी को नई तैनाती दी है। इनमें राजेंद्र कुमार तिवारी से पंचायतीराज विभाग और अनीता भटनागर जैन से उच्च शिक्षा विभाग लिया जाना सबसे महत्वपूर्ण है।

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काफी दिनों से चर्चा थी कि इन विभागों का कामकाज सरकार की मंशा के हिसाब से आगे नहीं बढ़ पा रहा था। वहीं शासन ने विशेष सचिव से आयुक्त व सचिव समतुल्य पद पर 2003 बैच के पदोन्नत हुए अफसरों को तैनाती दी है।

दरअसल, शासन में कई अफसर अब भी सरकार की प्राथमिकता पर केंद्रित होकर काम नहीं कर पा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज केपद से राजेंद्र कुमार तिवारी की विदाई इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है।
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गोवंश का संरक्षण और किसानों कीफसलों को छुट्टा जानवरों से नुकसान न हो, यह शुरू से ही सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इस सुस्ती का नतीजा ये हुआ कि समस्या बढ़ती गई और सरकार की छवि को खासा नुकसान पहुंचने लगा।

इसके अलावा खुले में शौच मुक्त के लक्ष्य को प्राप्त करने की तिथि आगे बढ़ानी पड़ी। ग्रामीण स्वच्छता का काम पंचायतीराज विभाग के अंतर्गत ही चल रहा है। उच्च स्तर से स्पष्ट संकेत के बावजूद पंचायतीराज विभाग सफाई कर्मियों की समस्याओं के समाधान की जगह अड़ंगेबाजी कर रहा था। पंचायतीराज विभाग में एक लाख सफाई कर्मी हैं। इससे सरकार की कर्मचारी विरोधी छवि बन रही थी।

पंचायतीराज विभाग की जिम्मेदारी पहले से ही ग्राम्य विकास जैसे भारी-भरकम विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव को अतिरिक्त रूप से सौंपी गई है। अनुराग, राजेंद्र तिवारी से काफी जूनियर हैं लेकिन ग्राम्य विकास विभाग में शानदार काम से उनकी काफी प्रशंसा हो रही है।

देखें, अफसरों के तबादले की पूरी लिस्ट

अफसर--वर्तमान तैनाती--नवीन तैनाती
1. यशवन्त राव- रजिस्ट्रार, डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय--मण्डलायुक्त, मुरादाबाद मण्डल।
2. प्रीती शुक्ला-- विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग-- सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग।
3. डॉ. अनीता भटनागर जैन-- अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग-- अपर मुख्य सचिव, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग।
4. डॉ. प्रशान्त त्रिवेदी-- प्रमुख सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य, एवं परिवार कल्याण विभाग एवं आयुष विभाग-- प्रमुख सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य, एवं परिवार कल्याण विभाग।
5. जयन्त नार्लिकर-- अपर निदेशक (प्रशासन) एसजीपीजीआई एवं विशेष सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग-- सचिव, आयुष विभाग।

6. सी इन्दुमती-- अपर गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ-- विशेष सचिव, महिला कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन एवं निदेशक, महिला कल्याण।
7. महेंद्र कुमार-- विशेष सचिव, नगर विकास विभाग-- सचिव, पंचायती राज।
8. अनुराग श्रीवास्तव-- प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, विशेष कार्याधिकारी, नोएडा एवं आयुक्त, ग्राम्य विकास एवं परियोजना निदेशक, समुदाय परियोजना-- वर्तमान पद के साथ, प्रमुख सचिव, पंचायती राज।
9. राजेंद्र कुमार तिवारी-- अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग-- अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग।
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लोगों से मिलने में आनकानी से बदला विभाग

उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहीं अपर मुख्य सचिव अनीता भटनागर जैन को लेकर शिकायत थी कि वह आम लोगों से मिलने के समय में अपने दफ्तर ही नहीं आतीं। आती हैं तो विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के प्रबुद्ध शिक्षकों तक से मिलने में व्यस्तता का बहाना कर जाती हैं। अब उन्हें पब्लिक परसेप्शन बनाने-बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले शिक्षकों के विभाग से हटाकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दे दिया गया है।  

सी. इंदुमती महिला कल्याण की नई निदेशक
शासन ने महिला कल्याण विभाग की मौजूदा निदेशक व पीसीएस अधिकारी डॉ. वंदना वर्मा को हटाकर वेटिंग में डाल दिया है। उनके स्थान पर अपर गन्ना आयुक्त सी. इंदुमती को विशेष सचिव एवं निदेशक महिला कल्याण की जिम्मेदारी दी गई है। वंदना को कोई अवकाश स्वीकृत न कर तत्काल कार्यमुक्त करने को कहा गया है। 
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