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शिफ्ट होगा 132 केवी नींबू पार्क उपकेंद्र

Tue, 22 Apr 2014 03:33 AM IST
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
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सरकार ने पांच लाख की आबादी को रोशन करने वाले 132 केवी नींबू उपकेंद्र को शिफ्ट करने का अल्टीमेटम दे दिया है।
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जहां पर 132 केवी उपकेंद्र स्थित है उसे उक्त जगह से 800 मीटर दूर बनाने का निर्देश दिया है।यह उपकेंद्र हेरिटेज जोन विकसित होने में बाधा डाल रहा है। नया 132 केवी उपकेंद्र बनाने पर 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने बड़ा इमामबाड़ा और टीले वाली मस्जिद सहित अन्य संरक्षित इमारतों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करके पर्यटन गैलरी बनाने के लिए धनराशि मुहैया करा दी है।
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लेकिन बड़े इमामबाड़े से छोटे इमामबाड़े के बीच में 132 केवी नींबू पार्क पारेषण उपकेंद्र होने के कारण हेरिटेज जोन बनाने में बाधा आ रही है।

इसके लिए सरकार ने पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को तत्काल इस उपकेंद्र को शिफ्ट करने का अल्टीमेटम दिया है। इस पर आनन-फानन में दो मुख्य अभियंताओं ने जमीन का मौका मुआयना किया पर वह जमीन नए उपकेंद्र के लिहाज से उचित नहीं पाई गई।

अब नए सिरे से जमीन की खोजबीन शुरू हुई है। सूत्र के अनुसार 132 केवी नींबू पार्क उपकेंद्र हुसैनाबाद की एक झोपड़ पट्टी पर शिफ्ट हो सकता। यह जमीन 132 केवी नींबू पार्क उपकेंद्र के पीछे ही स्थित है।  

नए 132 केवी नींबू पार्क उपकेंद्र से जुड़े ग्यारह 33/11 केवी उपकेंद्र की बिजली लाइनें प्रभावित होंगी। इनमें गऊघाट, चौपटिया, नादान महल रोड, विक्टोरिया, नींबू पार्क, मेडिकल कॉलेज, रेजीडेंसी, अमीनाबाद, इक्का तागा स्टैंड डालीगंज, लखनऊ विश्वविद्यालय, हनुमान सेतु उपकेंद्र शामिल हैं।

नया उपकेंद्र बनने पर सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों के लिए नयी 33 केवी लाइनोें का निर्माण होगा, जिस पर लेसा को करोड़ों रुपये खर्च करने होंगे।

मुख्य अभियंता (पारेषण) आरके शर्मा एवं मुख्य अभियंता (लेसा) शमीम अहमद की संयुक्त टीम एक हफ्ता पहले 132 केवी नए उपकेंद्र के लिए जमीन का मुआयना करने पहुंची थी।

विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने टीम को पहले अमीरुद्दौला पार्क और उसके बाद में चौक रामलीला समिति का ग्राउंड दिखाया। बुक्कल नवाब ने इनमें किसी एक जगह पर 132 केवी नींबू पार्क उपकेंद्र बनाने की सलाह दी।
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टीम की नजर में इनमें से किसी भी जगह पर उपकेंद्र बनाने पर विवाद की आशंका है। टीम का मानना कि इन दोनों ही जगहों पर उपकेंद्र का निर्माण होने पर जन आक्रोश झेलना पड़ सकता है।
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