लखनऊ। एसटीएफ ने विदेशी नागरिक बनकर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने दिल्ली से नाइजीरिया निवासी उचेनवा (49) को गिरफ्तार किया। वह सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को महंगे गिफ्ट, डॉलर और पाउंड भेजने का झांसा देता था। फिर खुद को कस्टम या इनकम टैक्स अफसर बताकर डरा-धमकाकर ठगी करता था।
एसटीएफ एएसपी विशाल विक्रम सिंह के अनुसार, उचेनवा दक्षिणी दिल्ली के खानपुर इलाके में अवैध रूप से रह रहा था। उसके पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद हुए हैं। उसे 15 मई की रात दिल्ली से गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया।
एएसपी के मुताबिक अगस्त 2025 में लखनऊ निवासी युवक को फेसबुक पर ब्रिटेन निवासी महिला डोरिस विलियम के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। आरोपी ने युवक को भरोसे में लेकर भारत आने और करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के पाउंड साथ लाने की बात कही। इसके बाद खुद को कस्टम अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने फोन कर कहा कि महिला एयरपोर्ट पर पकड़ी गई है और उसे छुड़ाने के लिए 61,500 रुपये जमा करने होंगे। पीड़ित ने बताए गए खाते में रकम भेज दी। इसके बाद कस्टम शुल्क, इनकम टैक्स और जीएसटी के नाम पर करीब 40 लाख रुपये और ठग लिए गए।
28 लाख और भी जमा कराए थे
बाद में रेमिटेंस ऑफिसर बनकर 28 लाख रुपये और जमा कराए गए। ठगों ने भरोसा दिलाने के लिए यूनाइटेड किंगडम के नाम का फर्जी आरबीएस सर्टिफिकेट भी भेजा। ठगी जनवरी 2026 तक चली, जिसके बाद पीड़ित ने मदेयगंज थाने में मामला दर्ज कराया।
कारोबार करने आया और बन गया ठग
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2010 में कपड़ों का कारोबार करने भारत आया था, लेकिन नुकसान होने के बाद उसने साइबर ठगी शुरू कर दी। उसने बताया कि दिल्ली में रहने वाले कुछ अन्य नाइजीरियाई युवक भी गिरोह में शामिल हैं। आरोपी को पहले भी मध्य प्रदेश पुलिस ठगी के केस में गिरफ्तार कर चुकी है। करीब चार वर्ष जेल में रहा था। जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से ठगी शुरू कर दी।