नाइजीरियन गैंग ने मुरादाबाद की जिला सहकारी बैंक के ई-मेल आईडी का क्लोन तैयार करके लखनऊ के विधानसभा मार्ग स्थित मुख्य शाखा को आरटीजीएस से 47 लाख रुपये स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे।
अफसरों को भनक लगने से पहले जालसाजों ने मुंबई में पंजाब एंड महाराष्ट्रा बैंक में जमा कराई रकम से छह लाख रुपये उड़ा लिए। साइबर क्राइम सेल की टीम ने मुंबई में बैंक में छानबीन की तो पता चला कि नाइजीरियन गैंग ने जालसाजी की थी।
जालसाजों की तलाश की जा रही है। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की विधानसभा मार्ग शाखा के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक कामता प्रसाद ने आठ मई को कैसरबाग कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस मामले की पड़ताल में जुटे साइबर क्राइम सेल के निरीक्षक विजयवीर सिंह सिरोही की टीम ने मुंबई की पंजाब एंड महाराष्ट्रा कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की साकी विहार रोड, पवई शाखा में मेसर्स जार्डन ट्रेवेल्स के खाते की छानबीन की।
आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर कराई गई रकम
डेमो
ई-मेल आईडी के क्लोन से निदेश देकर आरटीजीएस के जरिये इसी खाते में रकम ट्रांसफर कराई गई थी। टीम ने खाताधारक का ब्योरा और उसकी फोटो हासिल करने के साथ अन्य तहकीकात की।
मेसर्स जार्डन ट्रेवेल्स के कार्यालय का पता लगाया। मुंबई पुलिस की मदद से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। छानबीन पर पता चला कि नाइजीरियन गैंग ने मुरादाबाद की जिला सहकारी बैंक की ई-मेल आईडी का क्लोन बनाकर 47 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे।
सूत्रों ने जानकारी दी कि मुंबई में पड़ताल के साथ साइबर क्राइम सेल की टीम ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी और मुरादाबाद में जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों से तहकीकात की तैयारी की है।
खाता करा दिया गया फ्रीज
- फोटो : डेमो
23 जनवरी को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड मुरादाबाद की ई-मेल आईडी से विधानसभा मार्ग स्थित मुख्य शाखा को एक मेल भेजा गया था।
इसमें जिला सहकारी बैंक लि मुरादाबाद के खाता संख्या 000200340000639 से 47 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से खाता संख्या 036110100000483 में स्थानांतरित करने का निदेश था।
तत्कालीन मुख्य प्रबंधक के आदेश पर रकम स्थानांतरित कर दी गई। हफ्ता भर बाद चेते मुरादाबाद के अधिकारियों ने 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड को फोन किया।
बताया गया कि बैंक से 47 लाख रुपये किसी खाते में स्थानांतरित करने का ई-मेल नहीं किया गया था। किसी ने ई-मेल आईडी का क्लोन बनाकर जालसाजी की है। इससे हड़कंप मच गया। खाता फ्रीज करा दिया गया है। इस बीच जालजाजों द्वारा छह लाख रुपये निकाले जा चुके थे।