नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह के लिए नोटिस जारी किया है।
एनएचआरसी ने चार हफ्तों में यूपी के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह से जवाब मांगा है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश में 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
बता दें कि प्रदर्शन के दौरान कई जगह हिंसक वारदातें हुईं। जिसमें बड़ी मात्रा में सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सीएए को लेकर हुए बवाल पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की संपत्ति जब्त कर करने की घोषणा की थी। हिंसा में कई मौतें हुईं और कई जख्मी हुए।
रामपुर: 24 उपद्रवियों के खिलाफ 14 लाख रुपये का नोटिस
रामपुर के एडीएम फाइनेंस के न्यायालय द्वारा 24 से अधिक लोगों को नोटिस जारी करके 14,86,500 रुपये वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में पुलिस की रिपोर्ट को आधार बनाकर दंगे के लिए जिम्मेदार माने गए लोगों से नुकसान की भरपाई के आदेश दिए गए हैं।
इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए कहा था कि नागरिकता कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में नुकसान की भरपाई के लिए उपद्रवी ही उत्तरदायी होंगे। उन्हें नोटिस भेजकर जुर्माना लगाया जाएगा और उतनी रकम नहीं होने पर अपद्रवियों की संपत्ती की कुर्की कर वसूली की जाएगी।
घटना के बाद अब प्रशासन ने आगजनी और तोडफोड़ में हुए नुकसान का आकलन कर दंगे के लिए जिम्मेदार 24 से अधिक लोगों को चिन्हित कर नुकसान की भरपाई के लिए नोटिस जारी किया है।
उपद्रवियों पर अब तक 213 मुकदमे, 925 गिरफ्तार
नागरिकता कानून के विरोध में प्रदेश में कई दिनों तक विभिन्न शहरों में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों के खिलाफ पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है। कहीं उपद्रवियों की तलाश में दबिश दी जा रही है तो कहीं आम लोगों की मदद से गुनाहगारों की पहचान की जा रही है। मामले में प्रदेश में अब तक 213 केस दर्ज की जा चुकी हैं जबकि 925 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने सोमवार को बताया कि सभी जिलों में स्थिति सामान्य है। अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व भ्रामक पोस्ट करने में अब तक 81 एफआईआर दर्ज कर 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ट्विटर की 7513 प्रोफाइल, फेसबुक की 9076 प्रोफाइल और यू ट्यूब की 172 प्रोफाइल डीलीट कराई जा चुकी हैं।