नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी को लेकर राजधानी लखनऊ में हुए विरोध प्रदर्शन व हिंसा के मामले में प्रदेश के डीजीपी ने हिंसा भड़काने में बाहरी तत्वों के होने की बात कही है। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि उग्र प्रदर्शन करने वालों में एनजीओ व बाहरी तत्व भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विवेचना की जा रही है, प्रशासन की ओर से गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 218 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन के दौरान यूपी के विभिन्न जिलों में हुई तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटनाओं में अब तक 15 की मौत हो चुकी है। लखनऊ से 218 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए हैं। हिंसा में चिह्नित अराजक तत्वों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कई जिलों में उग्र प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान पथराव व आगजनी की घटनाएं बेकाबू हो गईं थी। कई स्थानों पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कुछ जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सुनियोजित रूप से पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया एवं वाहनों में तोड़फोड़ की। इन घटनाओं में 38 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
प्रभावित जिलों में उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है। अब तक लगभग 4 हजार उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय शनिवार को बंद कर दिए गए हैं। कल रविवार का अवकाश रहेगा। ज्यादातर जिलों में धारा 144 लागू है। शासन का कहना है कि जिलाधिकारी अपने स्तर से हालात की समीक्षा करने के बाद धारा 144 हटाने के बारे में फैसला ले सकते हैं।