लखनऊ। पारा थाने में स्कूल व दो संस्थाओं के चेयरमैन ने एनजीओ संचालक व उसके दो साथियों पर 11 लाख रुपये के गबन की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपियों पर बच्चों के लिए ट्रस्ट में जमा रकम को हड़पने का आरोप है। पारा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की है।
मोस्ट रेवरेंड जॉन ऑगस्टीन पारा स्थित सेंट मेरी स्कूल, सेंट मेरी एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी और वर्ल्ड मिशनरी एवंगेलिस्म ट्रस्ट के चेयरमैन हैं। उनके मुताबिक उनके ट्रस्ट के जरिये अनाथ व गरीब बच्चों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था की जाती है। ट्रस्ट के तहत संचालित इगलस मेमोरियल बाल गृह तमिलनाडु के कोयंबटूर में है, जिसमें 25 बच्चे रहते हैं।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी 1985 से बाल गृह का संचालन कोयंबटूर निवासी एस जयबाल कर रहा था। उसकी शिकायत मिलने पर उसे 24 फरवरी 2021 को संचालक के पद से हटा दिया गया था। आरोप है कि संचालक का चार्ज लेने जब फादर क्रिश्चियन चर्चिल जायल स्टीफन पहुंचे तो आरोपी विरोध करने लगा। उन्होंने जांच की तो पता चला कि बच्चों के लिए बाल गृह के खाते में भेजे गए 11 लाख रुपये एस जयबाल ने हड़प लिए। इसमें उसका साथ जे योवू जया प्रभुदास और वाई पआकरण ने दिया है। इतना ही आरोपी ने खर्च के फर्जी बिल बनाए। उन्होंने और गहनता से पड़ताल की तो सामने आया कि वर्ष 2014 से 24 फरवरी 2021 तक बाल गृह में एक भी बच्चा नहीं रह रहा था।
चेयरमैन ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दी। इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों पर कार्रवाई की गई है। आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा।