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खबर का असर: फर्जी मदरसों की जांच के निर्देश

Tue, 08 Oct 2013 12:59 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
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प्रदेश में 118 फर्जी मदरसों के मामले में सरकार हरकत में आ गई है। सचिव अल्पसंख्यक कल्याण देवेश चतुर्वेदी ने विभागीय अधिकारियों को इस मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने पूरे मामले की फाइल तलब कर अब तक मदरसों द्वारा लिए गए सरकारी अनुदान व छात्रवृत्ति का विस्तृत ब्यौरा जुटाने के लिए कहा है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

अमर उजाला ने छह अक्तूबर के अंक में प्रदेश के 118 मदरसे कागजों पर चलने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।

पढ़ें-यूपी में 118 मदरसे फर्जी

इसी का संज्ञान लेते हुए सचिव अल्पसंख्यक कल्याण ने सोमवार सुबह विभागीय अधिकारियों की एक बैठक बुला ली। बापू भवन स्थित सचिव कक्ष में हुई इस बैठक में कहा गया कि इस मामले में जो भी दोषी हैं, उनको सबसे पहले चिन्हित किया जाए।
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सचिव देवेश चतुर्वेदी ने उपसचिव जय प्रकाश पांडेय से जिलेवार फर्जी मदरसों की सूची पेश करने के लिए कहा है। साथ ही यह भी जांच करने को कहा है कि ये मदरसे सरकार से कब से अनुदान ले रहे थे।

इनसे पुराना पैसा वसूलने व दोषी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी कहा है। साथ ही, केंद्र सरकार को भी सूचित कर दिया गया है कि मदरसा मार्डनाइजेशन स्कीम में जो मदरसे चिन्हित हुए थे उनमें 118 जांच में फर्जी पाए गए हैं। इन सभी का इस साल मिलने वाला अनुदान भी रोक दिया गया है।

और भी हो सकते हैं फर्जी मदरसे
सचिवालय में अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह आशंका भी जताई गई कि प्रदेश में अभी और फर्जी मदरसे हो सकते हैं। ऐसे में निदेशालय को और मदरसों की जांच के लिए कहा गया है।

वहीं, शाम को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अबरार हुसैन ने भी अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मामले की समीक्षा की।

उन्होंने भी अधिकारियों से ऐसे मदरसों को चिन्हित करने के लिए कहा है जिनकी शिकायत हो रही है या फिर जिन पर संदेह है। जिलों से भी ऐसे मदरसों का भौतिक सत्यापन कराने के लिए कहा गया है।
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