राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव श्याम नारायण शुक्ला का कहना है कि 12 दिन बीत चुके हैं, नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों का शपथ नहीं कराया गया है। प्रधानों का पंचायत सेक्रेटरी के साथ बैंक खाता नहीं खुला है। ऐसे में नव निर्वाचित प्रधान किस तरह से राज्य वित्त या अन्य शासकीय मदों की धनराशि का उपयोग सुनिश्चित कर सकते हैं?
शुक्ला का कहना है नवनिर्वाचित प्रधान सामाजिक जिम्मेदारी का अपनी सीमा में निर्वहन कर रहे हैं। वे तमाम जगह निजी संसाधनों से कोविड संक्रमण की लड़ाई में नेतृत्व दे रहे हैं। लेकिन जब ग्राम पंचायत में प्रशासक तैनात हैं और वित्तीय लेनदेन के लिए वे ही अधिकृत हैं तो फिर नव निर्वाचित प्रधान को किस तरह वित्तीय व्यवस्था के क्रियान्वयन के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इस तरह के आदेश से नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के बीच सरकार की छवि खराब होती है। सरकार को सबसे पहले प्रधानों का शपथ कराना चाहिए।