दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कई बड़े अफसर छुट्टी मनाने चले गए। चुनावी सीजन, ऊपर से कई मंत्री प्रत्याशी हैं।
ऐसे में अफसरों का छुट्टी पर जाना ऐसे मंत्रियों को खल गया। एक वरिष्ठ मंत्री ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र से लोग बड़ी उम्मीद से आते हैं।
टालने के लिए लखनऊ पहुंचने का जुमला कभी-कभार काम आ जाता है लेकिन जब वे खुद लखनऊ पहुंच जाएं तो क्या कहा जाए। अधिकारी रहते हैं तो आने-जाने वालों को समझा देते हैं।
होने वाला काम करवा देते हैं, नहीं तो सलीके से टरका भी देते हैं। एक बार जो बिना काम के लौटा, वह क्षेत्र में क्या-क्या कहेगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।
लग रहा है कि 10-15 दिन की छुट्टी में हजार-पांच सौ वोट का तो नुकसान करा ही देंगे।