गुजरात की छवि एक तेजी से प्रगति करते राज्य की है। लेकिन हकीकत वैसी नहीं जैसी वहां की सरकार पीआर एजेंसियों के जरिये बता रही है।
यहां 5 वर्ष से कम उम्र के 45 फीसदी बच्चे कुपोषित और 70 फीसदी में खून की कमी है। पिछले 10 वर्षों में 60 हजार लघु उद्योग बंद हो चुके हैं तो वर्ष 1995 तक गुजरात पर 10,000 करोड़ का कर्ज था जो दिसंबर 2012 में बढ़कर 1.39 लाख करोड़ पहुंच चुका है।
ये जानकारियां देते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लखनऊ में शुक्रवार www.pheku.in नामक वेबसाइट लांच की। संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि इस वेबसाइट पर मोदी के दावों की पोल खोली गई है।
वे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। राजधानी में साझी दुनिया के दफ्तर में आयोजित कार्यक्रम में साझी दुनिया से रूपरेखा वर्मा, अनहद संस्था से शबनम हाशमी व मनन त्रिवेदी और आईपीटीए से प्रदीप घोष मौजूद थे।
उन्होंने फेंकू डॉट इन के बारे में बताया कि इसे देश भर के दर्जनों संगठनों ने मिलकर तैयार किया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर समेत देश के कुल 25 शहरों में इसे एक साथ लांच किया गया।
रूपरेखा वर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के रूप में एक ऐसे व्यक्ति को भावी प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी पार्टी प्रस्तुत कर रही है जो लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
बीते 10 सालों में यूपीए ने जिस तरह के हालात देश को दिए उससे न केवल देश के युवाओं में गुस्सा पैदा हुआ है बल्कि मोदी जैसे व्यक्ति को राष्ट्रीय स्तर पनपने की जगह दी है।
एक व्यक्ति जो दंगों के लिए माफी नहीं मांग सकता वह इतने बड़े और विविधता भरे देश की बागडोर संभालने की सोच भी कैसे सकता है? लेकिन बीते वर्ष अपनी छवि चमकाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करके मोदी ने विकास का फर्जी मॉडल और हकीकत छिपाई है।
गुजरात से आए मनन त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि टाटा को नैनो प्लांट के लिए मोदी सरकार ने 0.10 प्रतिशत की ब्याज दर पर 9,027 करोड़ रुपये का लोन दिया, जिसे 20 साल बाद चुकाने की छूट भी दी और 20 हजार रुपये एकड़ की मूल्य की जमीनें मात्र 10-15 हजार रुपये एकड़ में बेची गई।
जनता का पैसा औद्योगिक घरानों को यूं ही दे दिया गया। आने वाले दिनों में वेबसाइट पर और भी जानकारियां दी जाएंगी और मोदी व गुजरात सरकार के दावों की पोल खोली जाएगी।
शबनम हाशमी ने बताया कि मोदी का सत्ता में आना देश में तानाशाही को बुलावा देगा। अभी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर मोदी के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणियां की जाएं तो उस व्यक्ति को कुछ विशेष मानसिकता वाले लोगों से भद्दी भाषा में कमेंट्स सहने पड़ सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में गरमाया जा रहा माहौल
प्रदीष घोष और रूपरेखा वर्मा ने भाजपा द्वारा उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल गर्माने का भी आरोप लगाया। वर्मा ने बताया कि लखनऊ में टीले वाली मस्जिद के पास जमीन का विवाद कोर्ट पहुंचाया जा चुका है, 2014 आते-आते भाजपा इसे और उछालेगी।
अयोध्या में ही नहीं कई शहरों में धार्मिक स्थलों पर विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूपी में भाजपा की चुनावी तैयारियों के लिए भेजे गए मोदी के करीबी अमित शाह को आपराधिक तत्वों को इकट्ठा करके उपयोग किए जाने के लिए जाना जाता है।
फेंकू माने
जो लोग सोशल नेटवर्किंग पर कम सक्रिय हैं, उन्हें बता दें कि हाल के कुछ महीनों में देश की दोनों बड़ी पार्टियों से प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों को ‘फेकू’ और ‘पप्पू’ कहकर दोनों खेमों में एक-दूसरे की खिल्ली उड़ाने का दौर जारी है।
मोदी के लिए फेकू शब्द तब चलन में आया, जब उनके किसी समर्थक ने ताइवान के बस स्टैंड का फोटो अहमदाबाद का बताकर चला दिया। जल्द हकीकत सामने आई।
शुक्रवार को लखनऊ में अजब संयोग रहा कि फेकू.इन का लांच गोल मार्केट के निकट जिस कार्यालय में किया गया, उसका लैंडमार्क पता ‘पप्पू जनरल स्टोर के सामने’था।