दोपहिया वाहन चलाते वक्त आप हेलमेट लगाए हैं, लेकिन पीछे बैठने वाला बिना हेलमेट के है, तो भी आपका चालान कटेगा। 15 अगस्त से इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) शुरू होने के बाद इनका भी चालान हो रहा है।
अभी इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) और हजरतगंज चौराहे पर इस सिस्टम से ऐसे वाहन चालकों का चालान किया जा रहा है। इसमें गंज चौराहा नंबर एक पर है। जल्द ही शहर के 47 और चौराहों से गुजरने वाले वाहनों पर स्मार्ट सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर से ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम के जरिये नजर रखी जाएगी।
इस व्यवस्था के लिए यातायात पुलिस की ओर से स्मार्ट सिटी कंपनी को सर्विलांस सिस्टम लगाने की अनापत्ति भी दी जा चुकी है। ऐसे में अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले अपने आप पकड़े जाएंगे। इसके लिए किसी सिपाही को गाड़ी वाले को रोकने-टोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिलहाल कमांड कंट्रोल सेंटर में सिस्टम अपडेट किया जा रहा है। आईटीएमएस सेंटर में अभी कम्प्यूटर सिस्टम से निगरानी की जा रही है, जल्द ही वीडियो वॉल से यह काम होगा।
बिना हेलमेट वाले सबसे अधिक
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की जो रिपोर्ट आईटीएमएस से यातायात पुलिस को भेजी जा रही है, उसमें सबसे अधिक संख्या हेलमेट लगाकर न चलने वालों की है। दूसरे स्थान पर वे हैं जो लाल बत्ती पर भी नहीं रुकते हैं। वहीं, तीन सवारी लेकर चलने वालों को भी ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम पकड़ रहा है। हालांकि, इनकी संख्या बहुत कम है।
रोजाना डेढ़ हजार से अधिक तोड़ रहे नियम
यातायात को लेकर कुछ महीनों से शहर में बहुत सख्ती है। हालांकि, अब भी बाइक सवार बाज नहीं आ रहे हैं। सिर्फ दो चौराहों पर ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की तादाद डेढ़ हजार से अधिक पहुंच रही है। पूरे शहर में यह आंकड़ा 50 हजार पार कर सकता है।
वीडियो वॉल पर दिखेगा शहर का नजारा
कमांड कंट्रोल सेंटर में बड़ी वीडियो वॉल बनाई गई है। इसमें छोटे ब्लॉक हैं। जल्द ही यह वॉल पूरी तरह से चालू हो जाएगी। इसके बाद इस पर ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम के लिए लगाए सीसीटीवी कैमरों से पूरे शहर की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। वीडियो वॉल के सामने तीन लाइन में दस डेस्कटाप मॉनीटर टेबल लगाई गई है। इन पर बैठे एक्सपर्ट पल-पल की विभागों को मोबाइल पर संदेश भेजेंगे। ऐसे में जैसे ही किसी ने लाल बत्ती पर गाड़ी दौड़ाई या स्टॉप लाइन पार की या तीन सवारी बैठाई तो वह तुरंत पकड़ा जाएगा। कमांड कंट्रोल सेंटर का सिस्टम गाड़ी नंबर के आधार पर ई-चालान काट देगा, जो गाड़ी मालिक के पते पर पहुंच जाएगा।
कैमरे में कैद ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले
31 अगस्त
आईजीपी चौराहा
रेड लाइट-1906
नो हेलमेट-2994
हजरतगंज चौराहा
रेड लाइट-3426
नो हेलमेट-2429
रांग साइड-290
30 अगस्त
आईजीपी चौराहा
रेड लाइट-162
नो हेलमेट-1406
ट्रिपल राइडिंग-02
हजरतगंज चौराहा
रेड लाइट-1552
नो हेलमेट-1709
रांग साइड-22
पुलिस से चालान कटवाना पड़ेगा सस्ता, कोर्ट में देना होगा ज्यादा जुर्माना
केंद्रीय मोटर यान संशोधन अधिनियम 2019 का सड़क पर चालान काटने वाली पुलिस पर असर नहीं पड़ेगा। वह पुराने रेट से ही चालान काटेगी। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पूर्णेंदु सिंह का कहना है कि कोई व्यक्ति पुलिस के चालान पर शमन शुल्क नहीं जमा करेगा तो मामला कोर्ट भेजा जाएगा, जहां बढ़ी दरों के मुताबिक जुर्माना वसूला जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक यातायात ने बताया कि मोटर यान अधिनियम की धारा 200 में प्रावधान है कि वाहन चालकों को कोर्ट की भाग-दौड़ से बचाने के लिए अगर राज्यपाल चाहें तो पुलिस को शमन का अधिकार दे सकते हैं। इसके लिए विभिन्न अपराध के शमन की जो दरें निर्धारित की गई थीं, वह उस वक्त कोर्ट के जुर्माने से काफी कम थीं। मसलन कोर्ट में हेलमेट पहने बगैर वाहन चलाने का जुर्माना 100 रुपये था, जबकि पुलिस 500 रुपये वसूल रही थी।
अब कोर्ट में बिना हेलमेट के वाहन चलाने का जुर्माना 1000 रुपये हो गया है, लेकिन पुलिस राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक 500 रुपये ही शमन शुल्क वसूलेगी। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात ने कहा कि यातायात के नियम तोड़ने वाला पुलिस को तत्काल शमन शुल्क जमा कर देता है तो उसका दंड वहीं पूरा हो जाएगा।