पांच बार होती है रामलला की आरती
विराजमान रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि प्रशासन द्वारा तय दर्शन अवधि के मुताबिक मंदिर की आरती का समय भी तय करना पड़ा है। अयोध्या में हर मंदिर की अलग-अलग आरती की परंपरा है। रामलला की सुबह 6 बजे मंगला आरती होती है। फिर दर्शन शुरू होने से पहले सुबह पौने सात बजे शृंगार आरती होती है। इसके बाद पट खुल जाता है और भक्त दर्शन करते हैं।
11 बजे दर्शन बंद होने के बाद भोग आरती होती है। फिर शाम पांच बजे दर्शन बंद होते ही संध्या आरती की जाती है। आखिरी आरती रात सात बजे शयन आरती होती है। बंदिशों के चलते भक्त किसी भी आरती में सम्मिलत नहीं हो पाते हैं। अब नया ट्रस्ट अन्य मंदिरों की तरह आरती में भक्तों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दर्शन की अवधि में बदलाव जरूर करेगा।