अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि में जिस पंडाल के नीचे रामलला की प्रतिमा रखी है अब उस पंडाल को अब बदला जा रहा है। यह पंडाल अब एक नए तरीके और विशेषता वाला होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अयोध्या में रामलला के मेक शिफ्ट स्ट्रक्टर को उच्च तकनीक से बने तिरपाल से संवारा जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की ओर से बनाए गए खासे महंगे तिरपाल का आर्डर दिया गया है।
इंजीनियरों ने इस तिरपाल को न सिर्फ वॉटर और फायर प्रूफ बनाया है। बल्कि हल्की मार झेलने की क्षमता भी है। इससे बंदरों की उछल-कूद से होने वाली क्षति अब नहीं हो सकेगी।
गौरतलब है कि मेक शिफ्ट स्ट्रक्टर का तिरपाल जुलाई, 2014 में तीन साल के लिए बदला गया था। लेकिन यह छह माह में ही कई जगहों से फट गया। रिसीवर और ऑब्जर्वर की ओर से आंधी-तूफान में बल्ली की कील की जगह से फटने की रिपोर्ट दी गई थी।
बाद में बंदरों की उछल-कूद से ये और फट गया। जिससे बारिश का पानी अंदर टपकने लगा। ऑब्जर्वर की हर माह के दूसरे रविवार होने वाली नियमित निरीक्षण रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को फैजाबाद के कलेक्टर और दो स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में मरम्मत कराने की मंजूरी दी थी।