फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी बनाएगा इकोफ्रेंडली सड़कें

Sun, 11 Aug 2013 02:00 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग की योजना ऐसी सड़कें तैयार करने की है, जिसमें हॉटमिक्स (तारकोल और बजरी) के बजाय पत्थर, मिट्टी और सीमेंट का इस्तेमाल होगा।
विज्ञापन


आईआईटी कानपुर के इंजीनियरों की मदद से डिजाइन की गईं इस तरह की सड़कें सस्ती और मजबूत तो होंगी ही, इनके लिए कम खनन की जरूरत भी पड़ेगी।

यानी, पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से भी ये सड़कें बेहतर साबित होंगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सूबे में पहली सड़क उन्नाव जिले में बनेगी, जिसके लिए शासन ने 18 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
पीडब्ल्यूडी अपनी पांचों तरह की सड़कें- नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, बड़ी जिलास्तरीय रोड (एमडीआर), अन्य जिला स्तरीय रोड (ओडीआर) और ग्रामीण सड़कों को पत्थर, तारकोल और बजरी की दो परतें डालकर बनाता है।
विज्ञापन


लेकिन आईटीआई, कानपुर के साथ मिलकर अब ऐसी डिजाइन तैयार की गई है, जिसमें पत्थर और सीमेंट या पत्थर, मिट्टी और सीमेंट की एक परत से ही हॉटमिक्स से ज्यादा मजबूत सड़क बनाई जा सकती है।

अमूमन पीडब्ल्यूडी की सड़कों की मोटाई 60 सेंटीमीटर रहती है, मगर इनकी मोटाई 48 सेंटीमीटर तय की गई है। यानी, हॉटमिक्स के मुकाबले कम मैटेरियल में सड़क तैयार हो जाएगी।

इनमें सीमेंट कुल सामग्री का छह प्रतिशत होगी। इंजीनियरों के मुताबिक, इन सड़कों की लागत में 30-40 प्रतिशत तक कम आएगी।
सूबे में पहला प्रयोग उन्नाव जिले में संडीला-रसूलाबाद-चकरवंशी रोड के 12 किलोमीटर लंबे हिस्से पर किया जाएगा। स्वीकृत लंबाई के कुछ हिस्से में पत्थर और सीमेंट, जबकि कुछ हिस्से में पत्थर और सीमेंट के साथ मिट्टी का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
विज्ञापन


इस पायलट प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग आईआईटी, कानपुर के इंजीनियर भी करेंगे। हॉटमिक्स से इतनी सड़क बनाने में जहां 27 करोड़ रुपये की लागत आती, वहीं इससे सिर्फ 18 करोड़ रुपये ही खर्च होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें