प्रदेश में 226 नए राजकीय हाईस्कूल खुलेंगे।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत ये राजकीय हाईस्कूल 18 अल्पसंख्यक बहुल जिलों में खोले जाएंगे।
केंद्र ने इसके लिए मंजूरी दे दी है।
इससे पहले राज्य सरकार ने 1396 स्कूलों का प्रस्ताव भेजा था जिसे केंद्र ने नामंजूर कर दिया।
इसके बाद अल्पसंख्यक बहुल इलाकों के लिए नए 700 स्कूलों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से 226 को मंजूरी मिल गई है।
इसके साथ ही इन स्कूलों के लिए 1130 सहायक अध्यापक और हर स्कूल के लिए एक प्रधानाध्यापक, एक क्लर्क, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भर्ती की मंजूरी दे दी गई है।
687 स्कूलों में से महज 24 ने ही दिया ब्यौरा
अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष सहित दो अरब 24 करोड़ 10 लाख रुपये की योजनाओं को मंजूरी मिल गई है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत यूपी में अब तक 1021 नए राजकीय हाईस्कूल खुल चुके हैं।
पिछले साल किसी स्कूल को मंजूरी नहीं मिली थी। इस साल भी पुराने स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति न होने के कारण केंद्र ने यूपी के प्रस्तावों को खारिज कर दिया था।
उसके बाद प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में स्कूल खोलने की गुजारिश की थी। इस पर केंद्र ने नए सिरे से प्रस्ताव मांगे थे।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत केंद्र ने नए स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है लेकिन इनका वेतन अगले वर्ष से जारी होगा क्योंकि तब तक ही इन स्कूलों के बनने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं पुराने हाईस्कूलों में भी शिक्षकों के वेतन को मंजूरी दी गई है। जैसे-जैसे राज्य सरकार इनमें नियुक्ति करेगी, वेतन जारी कर दिया जाएगा।
अभी तक राज्य में सिर्फ 1000 शिक्षक ही नियुक्त हुए हैं जबकि जरूरत 7000 शिक्षकों की है।
कॉलेज, कैंपस से जुड़ी और खबरों के लिए यहां आएं...