केंद्रीय उर्जा एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल
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केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा है कि केंद्र सरकार चाहती है कि किसानों को सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए अलग फीडर और छोटे-छोटे ग्रिड बनाए जाएंगे।
सरकार किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप भी सस्ती दर पर उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। केंद्र व राज्य सरकारें और एनटीपीसी इसके लिए योजना तैयार कर रहे हैं।
गोयल शुक्रवार को विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सभी प्रदेश मुख्यालयों के पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से हर घर तक बिजली पहुंचाने के अभियान को अब यूपी में भी तेज गति से पूरा किया जाएगा। सूबे में सरकार बदलने के साथ केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए योगी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से अपने पहले ही संबोधन में देश की जनता से वादा किया था कि आजादी के 70 साल बाद भी विद्युतीकरण से वंचित रह गए गांवों में मई 2018 तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके लिए प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) शुरू की थी।
15 मई तक 13,469 गांवों तक पहुंची बिजली
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योजना की शुरुआत के समय देशभर में 18452 गांव बिजली से वंचित थे। 15 मई तक इनमें से 13,469 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। बचे हुए गांवों में अगले साल मई तक बिजली पहुंचा दी जाएगी।
बिजली कनेक्शन देने में अधिकारियों द्वारा घूस मांगने संबंधी शिकायतों पर गोयल ने कहा कि आवेदन के सात दिन के भीतर कनेक्शन देना अनिवार्य किया जाएगा। जो भी भ्रष्टाचार करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सपा सरकार तो केंद्र को आंकड़े ही नहीं भेजती थी
यूपी में योजना की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा कि सपा सरकार के दौरान पिछले साल तक तो सूबे की प्रगति केंद्र को उपलब्ध ही नहीं कराई जाती थी, लेकिन अप्रैल से आंकड़े मिलने शुरू हो गए हैं।
इसके आधार पर अध्ययन किया जा रहा है कि योजना के क्रियान्वयन की स्थिति कैसी है। योगी सरकार की सकारात्मक पहल से डीडीयूजीजेवाई समेत अन्य केंद्रीय योजनाओं को गति मिली है।
बिजली चोरी रोकने को बनेंगे विशेष थाने
बिजली चोरी रोकने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 24 घंटे बिजली का सपना तभी पूरा होगा जब बिजली चोरी रुकेगी। बिजली चोरी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अलग से थाने बनाने पर विचार हो रहा है।
सरकार बिजली चोरी रोकने को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी। हालांकि इसके लिए जनता को भी सहयोग करना होगा।
42,553.17 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर
गोयल ने बताया कि डीडीयूजीजेवाई के तहत राज्यों के लिए 42,553.17 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
इनमें फीडर अलग करने, वितरण प्रणाली, ग्रामीण घरों के विद्युतीकरण, मीटर लगाने के अलावा सांसदों द्वारा चयनित आदर्श गांवों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
‘गर्व एप’ से होगी डीडीयूजीजेवाई की निगरानी
गोयल ने डीडीयूजीजेवाई के तहत कराए गए कामों पर नजर रखने के लिए तैयार किए गए ‘गर्व मोबाइल एप’ लॉन्च किया।
उन्होंने बताया कि इस एप से योजना के क्रियान्वयन के सभी स्तरों पर नजर रखी जाएगी। गांवों के विद्युतीकरण का भौतिक सत्यापन करने में भी एप की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।