सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरी बिल्डिंग सीसीटीवी कैमरे से लैस हैं और इसकी मानीटरिंग के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। बिल्डिंग में प्रवेश के लिए तीन द्वार बनाए गए हैं। बिल्डिंग में सात वाच टावर और बुलेट प्रूफ बंकर भी हैं।
भवन में प्रवेश करने वाले अधिकारियों की गाड़ियों की टैगिंग होगी। इसमें किसी भी फ्लोर या किसी टावर में जाने के लिए बायोमीट्रिक लॉक को पार करना होगा। इससे कोई भी व्यक्ति किसी भी अधिकारी से नहीं मिल सकता, जब तक वह अधिकारी नहीं चाहेगा।
इस भवन में लोक शिकायत के एडीजी ग्राउंड फ्लोर पर ही बैठेंगे। यहां फरियादियों की सुनवाई के लिए वेटिंग हाल भी है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत फरियादियों को वहां तक पहुंचने की होगी। फिलहाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधन वहां तक उपलब्ध नहीं हैं। इस पर विचार किया जा रहा है कि अगले एक डेढ़ महीने और एडीजी लोक शिकायत को पुराने भवन में ही रहने दिया जाय।