नए वादों और दावों के साथ एक और राजनीतिक दल नवभारत डेमोक्रेटिक पार्टी ने मंगलवार को अपनी लांचिंग की।
दल में विदेश में रहे इंजीनियर हैं, समाजसेवी हैं और साथ ही अलग-अलग फील्ड से ताल्लुक रखने वाले तमाम लोग।
इस नए दल का दावा है कि उनकी पार्टी परिवारवाद की परंपरा ढो रही दूसरी राजनीतिक पार्टियों से अलग होगी।
जो सिर्फ विकास व रोजगार के लिए काम करेगी और काले धन से कोसों दूर होगी। आई इंडिया लीड से चर्चा में आए आर के मिश्रा नवभारत डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
मंगलवार को जेमिनी कांटीनेंटल में पार्टी की लांचिंग के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 2014 के लोकसभा चुनावों में पूरे देश में करीब सौ प्रत्याशी उतारेगी।
इनमें से यूपी के प्रत्याशियों की संख्या 20 से 25 के बीच होगी। उन्होंने बताया कि इन सीटों का चयन रिसर्च के बाद किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश और यहां के लोगों में तमाम संभावनाएं हैं। लेकिन किसी भी दल को अपने विकास के अलावा कुछ नहीं दिख रहा है। देश बदल रहा है लेकिन पार्टियां वैसी ही हैं।
कहने को पीएम लेकिन रिपोर्ट हाईकमान को
आरके मिश्रा ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां कहने को तो प्रधानमंत्री हैं लेकिन वे खुद निर्णय नहीं ले सकते हैं।
फैसलों के लिए उन्हें हाईकमान का मुंह देखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अगर पावर में आई तो देश की जनता को सीधे अपना प्रधानमंत्री चुनने का हक मिलेगा। हर पार्टी में अच्छे लोग हैं लेकिन दबाव के चलते वे आगे नहीं आ पाते हैं।
सौ रुपये पहुंच जाएगा डॉलर
अमेरिका में बॉबी जिंदल के चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले समाजसेवी शेखर तिवारी भी इस पार्टी का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक मामलों को लेकर जिस तरह से सरकार फेल हो रही है उससे एक दिन रुपये की कीमत सौ को पार कर जाएगी। तब देश की जनता का क्या होगा वह समझ सकती है। मंहगाई आसमान पर होगी
आरटीआई के दायरे में आने से आपत्ति नहीं
आरके मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी आरटीआई के दायरे में आने से नहीं हिचकती। उनके दल के सभी पदाधिकारियों ने पहले से ही पार्टी की वेबसाइट पर अपनी सारी जानकारियां डाल रखी हैं।
इन राज्यों में भी होगी लांचिंग
लखनऊ के बाद केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उड़ीसा और झारखंड में पार्टी की लांचिंग प्रस्तावित है। आरके मिश्रा का कहना है कि उनका उद्देश्य विकास का मॉडल देना है।
उन्होंने कहा कि चाहे किसी की भी सरकार बने उनकी पार्टी के जीतने वाले सांसद उस सरकार का हिस्सा बनेंगे। ताकि पार्टी को विकास कराने का मौका मिले।