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टीईटी-2017 की नई मेरिट बनेगी, 12 मार्च को प्रस्तावित शिक्षक भर्ती परीक्षा भी टलेगी

Wed, 07 Mar 2018 10:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2017 की उत्तर-कुंजी खारिज कर दी है। साथ ही प्रदेश सरकार को नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया है। यह समस्त प्रक्रिया एक महीने में पूरी करनी होगी। इस वजह से 12 मार्च को प्रस्तावित टीईटी योग्यताधारियों व शिक्षामित्रों की प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा को टालने के लिए भी कहा गया है। इसके तहत 68,500 भर्तियां होंगी।

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टीईटी 2017 के 14 प्रश्नों को विवादित बताते हुए 316 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नवंबर में टीईटी परिणाम को याचिका के निर्णय के अधीन रखा था। अब ताजा निर्णय का असर प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों पर पडे़गा।

अभ्यर्थियों की याचिका में 14 विवादित प्रश्नों के उत्तरों को सही करते हुए नई उत्तर कुंजी जारी करवाने और ग्रेस अंक देने की मांग की गई थी। याची अभ्यर्थी 15 अक्तूबर, 2017 को आयोजित हुई इस परीक्षा में प्राथमिक स्तर के लिए शामिल हुए थे। परीक्षा सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद द्वारा करवाई गई थी। 18 अक्तूबर को उत्तर-कुंजी जारी करके इन पर आपत्तियां मांगीं थीं। याचिकाकर्ताओं ने 17 नवंबर को आपत्ति दर्ज करवाई।

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यहां पढ़ें, पूरा निर्णय पांच बिंदु में -

1. जिन 14 सवालों पर आपत्ति थी उन्हें डिलीट किया जाए।

2. फाइनल करार दी गई उत्तर-कुंजी खारिज मानी जाएगी।

3. नई मैरिट बनाई जाए।

4. यह सभी प्रक्रिया एक माह में पूरी करें।

5. 2018 के लिए होने जा ही प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा (68,500 भर्तियां) 12 मार्च को प्रस्तावित हैं, इसे टीईटी की प्रक्रिया पूरी होने तक टाला जाए।
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आपत्तियां खारिज होने के बाद पहुंचे कोर्ट

अभ्यर्थियों की आपत्तियां जांच विषय विशेषज्ञ समिति से करवाने के बजाए पहले स्टेज पर ही खारिज कर दी गईं। वहीं, 6 नवंबर को नई संशोधित उत्तर-कुंजी जारी की गई। इसे फाइनल बताया गया।

याचिकाकर्ताओं का दावा था कि उनकी आपत्तियों पर विचार नहीं करने से वे टीईटी पास सर्टिफिकेट पाने से कुछ अंकों की वजह से महरूम रह गए। उनके जवाब सही थे, लेकिन गलत मानते हुए ऐसा किया गया।

उन्होंने हाईकोर्ट से ग्रेस अंक दिलाने की मांग करते हुए विवादित सवालों को प्रश्नपत्र से हटाने की अपील की। फाइनल उत्तर-कुंजी को खारिज करने और हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी से आपत्तियों की जांच करवाने की भी अपील की गई।
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