भूमि अधिग्रहण के बदले बाजार कीमत से छह गुना मुआवजा देने का सपा का
चुनावी वादा फिलहाल ठंडे बस्ते में जाने के संकेत हैं।
कई अहम प्रोजेक्ट की
खातिर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से शुरू करने के लिए नए केंद्रीय
भूमि अधिग्रहण कानून को जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।
कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक नियमावली भी बनाने का प्रस्ताव
है। सपा ने 2012 के विधानसभा चुनाव में नई
भूमि अधिग्रहण नीति लाने का वादा किया था जिसमें किसानों को जमीन के बदले
छह गुना मुआवजा देने की बात थी।
नए कानून में शहरी क्षेत्र में दो गुना और
ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश सरकार ने अपने छह गुने मुआवजे के वादे के क्रियान्वयन के लिए
मंत्रियों के एक समूह का भी गठन किया।
मगर औद्योगिक संगठनों के दबाव में यह
समूह कुछ खास नहीं कर पाया। बाद में सवाल उठने पर समूह के सदस्यों ने
केंद्रीय भूमि अधिग्रहण कानून के फाइनल होने के बाद कदम आगे बढ़ाने की बात
कही।
पर, नया कानून एक जनवरी से लागू होने के बाद समूह का पुनर्गठन करने की
जगह नए कानून को तेजी से लागू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
नए
भूमि अधिग्रहण कानून पर विशेषज्ञों व राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच
विस्तृत चर्चा हो चुकी है। अब इसके क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव जावेद
उस्मानी के सामने सोमवार को एक विस्तृत प्रजेंटेशन की तैयारी है।
इसमें
कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के तौर-तरीके को लेकर प्रस्तावित
रूपरेखा सामने होगी। विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि नए कानून की
धाराओं को अच्छी तरह लागू करने के लिए एक नियमावली भी बनाई जाएगी।