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नया फॉर्मूला : समन्वय बैठक में प्रभारी मंत्री, डीएम-एसएसपी के साथ बैठेंगे भाजपा जिलाध्यक्ष भी

Thu, 12 Mar 2026 08:14 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश शासन के सभी अधिकारियों के लिए गोपनीय मार्गदर्शिका 2026 जारी कर दी गई है। समन्वय बैठक का आयोजन हर महीने होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी में शासन, प्रशासन और भाजपा संगठन के बीच बेहतर समन्वय के लिए नया प्रयोग किया गया है। इसके तहत शासन ने जिला प्रशासन समन्वय समिति के गठन का फैसला किया है। जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हर महीने समन्वय समिति की बैठक होगी। ये पहली बार होगा कि इस बैठक में प्रभारी मंत्री और अधिकारियों के साथ भाजपा के जिला व महानगर अध्यक्ष भी शिरकत करेंगे।

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बैठक में भाजपा व सहयोगी दलों के जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष व महापौर, जिला व महानगर अध्यक्ष, पुलिस आयुक्त या उनके नामित अधिकारी, डीएम और एसएसपी शामिल होंगे। व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। सभी अधिकारियों के लिए जारी गोपनीय मार्गदर्शिका (2026) में कहा गया है कि समिति की बैठक अनिवार्य रूप से हर महीने होगी। स्थानीय समस्याएं जिलास्तर पर ही हल की जाएंगी। नीतिगत विषय शासन की जानकारी में लाए जाएं। बैठक में लिए निर्णयों का संक्षिप्त ब्योरा सीएम कार्यालय को भेजा जाए।

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मार्गदर्शिका में कहा गया है कि मुख्य बैठक से पहले कोर कमेटी की बैठक कर विषयों का चयन करें। पूरी व अधूरी परियोजनाओं को चिह्नित करें। बैठकों में हर विषय पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए। विकास कार्यों की प्रगति व क्रियान्वयन पर सामूहिक समीक्षा करें। बैठकों का उद्देश्य सकारात्मक वातावरण तैयार करने और प्रशासन व संगठन के बची बेहतर समन्वय के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना है।

समयसीमा और उत्तरदायी अधिकारी तय
स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, स्थानीय विवाद, थाना व तहसील से संबंधित समस्याओं का 7 दिन में निदान करना होगा। इसके लिए डीएम व एसएसपी उत्तरदायी अधिकारी होंगे। बजट आवंटन, तकनीकी स्वीकृति के लिए मुख्य सचिव व संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे, जिन पर 15 दिनों के भीतर पत्राचार करना होगा। कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों के व्यक्तिगत व सार्वजनिक विषय, शिकायत, सुझाव व मांग पर मेरिट के आधार पर तत्काल कार्रवाई होगी। उत्तरदायी अधिकारी प्रभारी मंत्री, डीएम व शासन स्तर के अधिकारी होंगे। प्रभारी मंत्री का जिलों में प्रवास न्यूनतम 24 घंटे का होगा, जिसमें रात्रि प्रवास सुनिश्चित किया जाएगा।

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