पुलिस महानिदेशक का पदभार संभालने के बाद अरविंद कुमार जैन ने कहा कि पुलिस की छवि को सुधारना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इसके लिए सबसे पहले ऐसे पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी जो पुलिस की छवि खराब कर रहे हैं। अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
डीजीपी ऑफिस में पत्रकारों को मुखातिब नए डीजीपी ने कहा, मेरे दरवाजे आम जनता के लिए हमेशा खुले रहेंगे। यदि किसी को कोई समस्या है तो वह मुझसे संपर्क कर सकता है।
हालांकि मेरी पहली कोशिश यह होगी कि थाना स्तर पर ही आम जनता को समाधान मिल सके। इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही जिलों का दौरा भी किया जाएगा।
महिला अपराधों को हर हाल में रोका जाएगा
उन्होंने कहा, मैं पूरी मेहनत, ईमानदारी व लगन के साथ प्रदेश की सेवा करूंगा। प्रदेश सरकार व आम जनता की जो भी अपेक्षाएं हैं उन्हें पूरा करूंगा।
प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के साथ ही अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गरीबों, महिलाओं व युवतियों के साथ होने वाले अपराधों को हर हाल में रोका जाएगा।
हर घटना की खुद करूंगा समीक्षा
उन्होंने कहा, आतंकवाद, नक्सलवाद व सांप्रदायिकता से निपटना मेरी प्राथमिकता होगी। हर घटना की समीक्षा मैं खुद करूंगा। यदि किसी मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
थाने में सही एफआईआर लिखी जाए
थाने में सही एफआईआर लिखी जाए इसके लिए साफ निर्देश दिए जाएंगे। यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि कोई बेगुनाह किसी भी कीमत पर न फंसे।
लखनऊ एसएसपी को सख्त हिदायत
डीजीपी बनने के बाद अरविंद कुमार जैन ने लखनऊ के एसएसपी यशस्वी यादव को फोन पर सख्त हिदायत दी।
उन्होंने कहा, लखनऊ के हर चौराहे पर पुलिस फोर्स दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा, अपराध में कमी लाने के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। मैं खुद शहर का निरीक्षण करूंगा। जहां भी कमियां मिलेंगी तत्काल उस पर कार्रवाई की जाएगी।
आतंकी उमर शेख को भी अरविंद जैन की टीम ने पकड़ा था
अरविंद कुमार जैन का जन्म सहारनपुर में 13 मार्च 1955 को हुआ था। आधुनिक इतिहास विषय से एमए कर 1979 में भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। हैदराबाद व मुरादाबाद में प्रशिक्षण लेने के बाद पहली तैनाती सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में मेरठ में मिली।
इसके बाद वे प्रदेश के करीब एक दर्जन शहरों में पुलिस कप्तान के पद पर रहे। 11 जुलाई 1996 को पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर उनकी प्रोन्नति हुई। 17 अगस्त 2001 को जैन को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रमोशन मिला। पहली तैनाती पुलिस महानिरीक्षक स्थापना के रूप में लखनऊ में हुई।
10 अगस्त 2009 को जैन अपर पुलिस महानिदेशक बने। उन्हें एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की तैनाती दी गई। 11 अक्टूबर 2013 को डीजी के पद पर प्रमोशन हुआ और पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण निदेशालय में तैनाती दी गई।
कांधार में हवाई जहाज अपहरण में यात्रियों को सुरक्षित छोड़ने के लिए जिस खूंखार आतंकी अहमद उमर सईद शेख को भारत से ले जाकर छोड़ा गया था उसे गाजियाबाद में अरविंद कुमार जैन की टीम ने ही पकड़ा था। उस समय वे गाजियाबाद के एसएसपी थे। आईबी की मदद से ऑपरेशन चलाकर इस आतंकी को दबोचा गया था।