राजधानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण खूबसूरत शहर की सौगात साथ लेकर आ सकता है। स्टेडियम के पास ही एक नया और खूबसूरत शहर बनाने की योजना है।
इसके मुताबिक 70 एकड़ में अत्याधुनिक स्टेडियम और 67 एकड़ में रीयल इस्टेट विकसित किया जाएगा।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने स्टेडियम के साथ रीयल इस्टेट विकसित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी है। रविवार को आवास विभाग ने इस संबंध में प्रजेंटेशन दिया था।
अगले हफ्ते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने यह प्रजेंटेशन दिया जाएगा। उनकी सहमति मिलने पर इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाना है।
इसके लिए सुल्तानपुर रोड के पास शहीद पथ स्थित ग्राम अरदौनामऊ के पास 128.36 एकड़ और मस्तेमऊ में 20 एकड़ जमीन की व्यवस्था की जा रही है।
50 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता वाले इस स्टेडियम में मल्टी स्पोर्ट्स आउटडोर स्टेडियम, मल्टी स्पोर्ट्स इंडोर स्टेडियम, लॉन टेनिस, क्लब हाउस, फूडकोर्ट, प्लेयर्स हास्टल, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर, क्रिकेट अकादमी आदि की सुविधा भी रहेगी।
एलडीए करेगा डवलेपर का चयन
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और क्रिकेट एकेडमी के निर्माण के लिए बिड डॉक्यूमेंट और डवलेपर का चयन लखनऊ विकास प्राधिकरण करेगा।
कुल 137 एकड़ भूमि में से कम से कम 70 एकड़ पर स्टेडियम और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, क्रिकेट स्टेडियम, मल्टी स्पोर्ट्स आउटडोर स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, लॉन टेनिस, क्लब हाउस, फूड कोर्ट, प्लेयर्स हॉस्टल, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर, क्रिकेट एकेडमी, पार्किग और अन्य जरूरी प्रावधान किए जाएंगे।
शेष 67 एकड़ भूमि का उपयोग विकासकर्ता द्वारा रीयल इस्टेट डेवलेपमेंट के लिए किया जा सकेगा। जिसमें न्यूनतम 25 प्रतिशत भाग का उपयोग आवासीय एवं अधिकतम 75 फीसदी का उपयोग व्यावसायिक व अन्य उपयोग में लाया जा सकेगा।