मोस्ट वांटेड अब्दुल करीम टुंडा के बाद दो और बड़े आंतकियों के जांच एजेंसियों के चंगुल में आने की संभावना है।
इस बार होने वाली गिरफ्तारी से देश के विभिन्न राज्यों में फैले आतंकी नेटवर्क का राज खुल सकेगा।
दरअसल एटीएस व खुफिया एजेंसियों को आतंकियों के सहयोगी व जाली नोटों के बड़े तस्कर इमरान उर्फ तेली की पूछताछ में देश भर में चल रहे आतंकी गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारी मिली थी।
तभी से जांच एजेंसी आतंकियों की गिरफ्तारी की मुहिम में जुटी हुई है। गौरतलब है कि इमरान से एटीएस के अलावा आईबी, रॉ, दिल्ली क्राइम ब्रांच समेत कई अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों ने भी पूछताछ की थी।
एटीएस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में इमरान ने कई बड़ों के नाम उजागर किए थे, जिनसे वह संपर्क में था।
इमरान से मिली जानकारी इतनी संवेदनशील थी कि जांच अधिकारियों ने उस पर चुप्पी साधी हुई थी और सुनियोजित तरीके से काम किया जा रहा था।
उसी का नतीजा है कि अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी हो सकी। टुंडा आईबी और सीबीआई दोनों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था। टुंडा से पूछताछ का सिलसिला शुरू हो चुका है। इधर यूपी एटीएस भी उससे पूछताछ करने के लिए रिमांड पर हासिल करने के प्रयास में है।
सूत्रों की मानें तो इमरान ने जांच अधिकारियों को बताया है कि यूपी से जुड़े नेपाल बार्डर के किन-किन जगहों पर आईएसआई के कौन अधिकारी कब आते हैं और उनकी क्या गतिविधि रहती है।
किस तरह से यूपी या किसी अन्य राज्य में सक्रिय आतंकी माड्यूल इन अधिकारियों से किन मार्गों से होकर मिलने पहुंचते हैं और कैसे वापस निकल जाते हैं।
उसने यह भी जानकारी दी है कि दक्षिण भारत के किन राज्यों में लश्कर, आईएम या सिमी के कौन-कौन से लोग सक्रिय हैं।
आईबी के सूत्रों का कहना है कि इमरान से मिली जानकारी की पुष्टि की जा रही है। अभी तक उसके द्वारा बताई गई अधिकतर बातें सही साबित हुई हैं। लिहाजा कुछ और आतंकियों पर खुफिया एज़ेंसियों ने अपनी निगाहें टिका दी हैं।