केबिल टीवी से जुड़े एसटीबी कस्टमरों को नए साल से पैकेज प्रोग्राम बुके का तोहफा मिलेगा।
प्रसारण मंत्रालय की सख्ती के बाद एसटीबी प्रसारण से जुड़े शहर के चारों प्रमुख एमएसओ ने कैफ व पैफ फार्म भरवाने का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो गया है।
एमएसओ के मुताबिक अब कैफ पैफ के कारण शहर में केबल टीवी का प्रसारण बंद नहीं होगा।
शहर में एसटीबी सिग्नल प्रोवाइडर मल्टी सिस्टम आपरेटरों ने भरोसा दिलाया है कि बचे हुए दस फीसदी उपभोक्ताओं के कैफ पैफ फार्म भी भरवाने के लिए क्षेत्रीय केबल ऑपरेटरों को दस जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
इसके बाद से एसटीबी उपभोक्ताओं को प्रसारण मंत्रालय द्वारा निर्धारित पैकेज प्रोग्राम बुके चुनने का मौका देते हुए मासिक शुल्क का निर्धारण किया जाएगा।
कस्टमरों से भरवाए जाने वाले प्रोग्राम एप्लीकेशन फार्म (पैफ) के बाद केबल टीवी प्रसारण में मनचाहा प्रोग्राम चुनने के लिए उपभोक्ता को चार श्रेणी में से कोई एक पैकेज चुनना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय प्रसारण मंत्रालय ने बीते दिनों एसटीबी प्रसारण से जुड़े उपभोक्ताओं के कैफ (कंज्यूमर एप्लीकेशन फार्म) व पैफ (प्रोग्राम एप्लीकेशन फार्म) भरवाने की मियाद 31 दिसंबर तक बढ़ा दी थी।
डेन नेटवर्क से जुड़े प्रमुख एमएसओ संचालक योगेश कुमार ने बताया कि डिजिटलाइजेशन की अनिवार्यता के बाद एसटीबी उपभोक्ताओं से कैफ व पैफ भरवाने का काम 90 फीसदी तक पूरा हो गया है।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों के फार्म बच गए हैं उनके फार्म भी जल्द ही भरवा लिए जाएंगे। एमएसओ संचालक ने साफ किया कि अब उन्हीं एसटीबी सेटों से जुड़े उपभोक्ताओं के कैफ-पैफ फार्म बचे हैं जिन्हें केबल आपरेटरों ने बिना एमएसओ की जानकारी के अपने स्तर से सीधे लगा दिया था।
अगर फार्म नहीं भरे तो दस जनवरी के बाद ऐसे एसटीबी सेटों से जुड़े उपभोक्ताओं का केबल टीवी प्रसारण रोका जा सकता है। बाकी के संचालन वैसे ही चलता रहेगा।
मालूम हो कि शहर में करीब 3.35 लाख एसटीबी कनेक्शनों के सहारे डेन व डीजी नेटवर्क से जुड़े चार बड़े एमएसओ केबल प्रसारण से जुड़े हैं। इसमें सर्वाधिक 2.90 लाख एसटीबी कनेक्शन डेन नेटवर्क से जुड़े तीनों एमएसओ के नियंत्रण में हैं।
फिक्स की जगह हर माह पैकेज पेमेंट
पैफ भरवाने के बाद केबल आपरेटर उपभोक्ता से मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। डेन एमएसओ से जुड़े संचालक योगेश ने बताया कि नए साल से एसटीबी उपभोक्ताओं को पैफ के आधार पर निर्धारित पैकेज बुके में से अपना मनचाहा ऑप्शन चुनने का मौका मिलेगा।
केबल ऑपरेटरों व एमएसओ को दर्शकों को चार तरह के पैकेज उपलब्ध कराने होंगे। इस पैकेज बुके में न्यूनतम 134 रुपया, 199 रुपया, 260 रुपया व 299 रुपया (टैक्स सहित) के विकल्प रखे गए हैं।
हर पैकेज में दिखाएं जाने वाले फ्री व पेड चैनलों की सूची भी उपभोक्ताओं को मिलेगी। इस पैकेज बुके में फ्री व पेड चैनलों की प्रसारण संख्या के आधार पर शुल्क का निर्धारण होगा।
इसके लागू होने के बाद केबल उपभोक्ताओं को हर माह फिक्स दो से ढाई सौ रुपया प्रति एसटीबी सेट शुल्क देने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।