लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में विश्व श्रवण दिवस पर उन्नत न्यूरो-ओटोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया है। इस लैब में आधुनिक श्रवण परीक्षण उपकरण स्थापित किए गए हैं। इसके माध्यम से यहां बहरेपन की समस्या का बेहतर इलाज किया जा सकेगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने इस प्रयोगशाला का उद्धाटन किया। उन्होंने कहा कि सुनने की कमी एक मूक विकलांगता है। समय पर हस्तक्षेप से प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। न्यूरोसर्जरी विभाग की न्यूरो-ओटोलॉजी इकाई के प्रमुख डॉ. रविशंकर और उनकी टीम ने बच्चों में सुनने की समस्या की समय पर पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समय रहते पहचान होने से बच्चों के भाषण, भाषा विकास, संज्ञानात्मक क्षमता और सामाजिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।