लखनऊ के ठाकुरगंज में बहन के घर से लौट रहे 80 वर्षीय रिटायर्ड चिकित्साधिकारी इकबाल अहमद को उनके सगे भांजे सैफ ने ही लुटवाने की साजिश रची। सैफ ने मामा के घर से निकलते ही राजाबाजार निवासी अपने दोस्त सऊद उर्फ सादिक व पाटानाला के हमजा को खबर दे दी।
दोनों बदमाश सैफ की ही स्कूटी से इकबाल अहमद के पीछे लग गए और डैडीकूल बेकरी के पास उनका बैग लूटने का प्रयास किया। लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। बालागंज चौकी प्रभारी विजय सिंह और पॉलीगॉन के सिपाहियों ने बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस का घेरा देखकर हमजा भाग निकला जबकि सऊद दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने हमजा और सैफ को भी गिरफ्तार कर लिया।
एडीसीपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इकबाल अहमद बरौरा हुसैनबाड़ी में रहते हैं। शुक्रवार दोपहर वह बैंक से अपनी पेंशन के 19000 रुपये निकालकर राजाबाजार निवासी बहन से मिलने उसके घर चले गए। वहां बातचीत के दौरान ही उन्होंने 19000 रुपये निकालने की जानकारी दी, जिसे बहन के बेटे सैफ ने सुन लिया।