लखनऊ। विकास नगर के सेक्टर-7 के बसंतविहार कॉलोनी के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां न तो सीवर लाइन बनी है और न ही सड़कें सही हैं। बिजली के तार भी लटक रहे हैं। सीवर का पानी घरों में घुसता है। बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा समस्या होती है। यहां के निवासियों का कहना है कि नगर निगम के अफसरों से कई बार शिकायत की, पर सुनवाई नहीं हुई। इससे लोग समस्याओं के निराकरण को लेकर इधर-उधर भटकने को मजबूर है।
राजधानी के वीआईपी इलाकों में गिने जाने वाले विकास नगर मोहल्ले की हालत काफी खराब है। यहां की बसंतविहार काॅलोनी में पहुंचते ही जर्जर सड़कों की हालत, गड्ढे, जगह-जगह कूड़े के ढेर से फैली गंदगी नजर आती है। मुख्य मार्ग पर निर्माण का काम होने के चलते लोगों का आवागमन भी बंद है। ऐसे में तमाम लोगों को दूसरे रास्ते से निकलकर घर जाना पड़ रहा है।
मोहल्ले में लगे बिजली के पोल पर तारों का मकड़जाल दिखता है। यहां देखने से लगता है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को इलाके की कोई चिंता नहीं है। खंभों पर जिस तरह से तार लटक रहे हैं उससे यह हादसे का सबब भी बन सकते हैं। अमर उजाला टीम ने जब यहां के निवासियों से मिलकर उनका दर्द जाना तो सभी ने अपनी-अपनी बाते बयां की।
सात साल पहले बनी थी इंटरलॉकिंग
करीब सात वर्ष पहले यहां पर इंटरलॉकिंग लगी थी, तब से कोई काम नहीं हुआ है। वर्तमान में पूरा मार्ग जर्जर है। सीवर लाइन न होने से गंदा पानी भी घर में घुस जाता है। हल्की बारिश में जलभराव होने से ज्यादा दिक्कत होती है।
चमेली मिश्रा, सेवानिवृत्त शिक्षिका
निजी लोगों से करवाते सीवर की सफाई
नगर निगम में कई बार शिकायत की गई है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। सीवर भरने पर खुद ही निजी लोगों को बुलाकर सफाई करवाई जाती है। क्षेत्रीय नेता भी इस ओर नहीं ध्यान देते है। समस्याओं के चलते पूरा मोहल्ला परेशान है।
किशोरीलाल जायसवाल, स्थानीय निवासी
खंभों पर बिजली के तारों का भार
हमारे घर से लेकर काॅलोनी में कई जगह पर बिजली के तारों का मकड़जाल है। खंभों पर बिजली के तारों का भार इतना है कि कभी भी हादसा हो सकता है। हम लोगों की भूलभूत सुविधाओं को भी नगर निगम को देखना चाहिए जिससे यहां के लोगों को राहत मिल सके।
एमपी सिंह, स्थानीय निवासी
गंदगी की भरमार, नहीं होती सफाई
सभी गली व रास्तों में गंदगी भरमार रहती है। यहां पर कूड़ा उठाने वाला भी कोई नहीं आता है। नाला की भी सफाई नहीं होती है। गंदगी से मच्छरों की समस्या रहती है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा बना रहता है। मूलभूत सुविधाओं के लिए पार्षद और अधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र दिए गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
रामस्वरूप, स्थानीय निवासी