रायबरेली/बछरावां। देश की सबसे बड़ी कही जाने वाली प्रवेश परीक्षा नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) के लिए जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए। शहर क्षेत्र में चार और बछरावां में एक परीक्षा केंद्र रहा, जहां रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा संपन्न हुई। सघन तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया। इस दौरान 78 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
दयानंद पीजी कॉलेज में 600 अभ्यर्थी आने थे लेकिन 588 ने ही उपस्थिति दर्ज कराई। प्राचार्य डॉ. सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की गई। सघन तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर परीक्षा केंद्र के बाहर प्रशासन और पुलिस अफसरों के साथ सुरक्षा कर्मी मुस्तैद रहे।
इसके अलावा फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज, गोपाल सरस्वती हायर सेकेंड्री स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और लखनऊ पब्लिक स्कूल में भी परीक्षा कराई गई। दोपहर 2 बजे से शाम 5.20 बजे तक परीक्षा हुई। समन्वयक प्रेरणा श्रीवास्तव के मुताबिक परीक्षा शुचितापूर्ण संपन्न कराई गई।
डॉक्टर बनने का सपना होगा पूरा
अमावां की रहने वाली सुभाषिनी ने कहा कि वह समय से बछरावां में बने परीक्षा केंद्र पहुंच गई थी। परीक्षा देकर बहुत खुश है, क्योंकि प्रश्नपत्र बहुत सरल आया। इससे पास होने की पूरी उम्मीद है। एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा, जिससे वह लोगों की सेवा कर सकेगी और परिवार का नाम रोशन करेगी।
अच्छी तैयारी की, सरल था प्रश्नपत्र
सलोन की रहने वाली रुचि सिंह ने कहा कि वह पहली बार नीट की परीक्षा में भाग लेने आई है। परीक्षा को लेकर काफी अच्छी तैयारी की थी। प्रश्नपत्र भी काफी सरल आया। इससे हर सवाल को तय समय में हल कर लिया। उम्मीद है कि परीक्षा में सफल होकर क्षेत्र का नाम रोशन करेगी। एमबीबीएस डॉक्टर बनेगी।
गृह जनपद में परीक्षा से समय से बचत
कहारों का अड्डा के निकट रहने वाले सिद्धार्थ पांडेय ने कहा कि गृह जनपद में परीक्षा होने से उनका समय काफी बच गया है। परीक्षा देने किसी दूसरे जिले जाना होता तो पूरा दिन लग जाता और भागदौड़ भी ज्यादा करनी पड़ती। प्रश्नपत्र ज्यादा कठिन नहीं था, जिससे हल करने में ज्यादा समय भी नहीं लगा।
नीट के नतीजे अच्छे आने की पूरी उम्मीद
रायबरेली शहर के रहने वाले अविनाश तिवारी ने कहा कि परीक्षा केंद्र दूर जरूर था, लेकिन परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं आई। व्यवस्थाएं भी चुस्त-दुरुस्त रहीं। परीक्षा को लेकर अच्छी तैयारी की थी, जिससे प्रश्नपत्र कठिन नहीं लगा और सारे सवाल समय से हल कर लिए। नतीजे भी अच्छे आएंगे।