परीक्षा केंद्र बनवाने में पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के नाम की सिफारिश कर गई। वहीं सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव के नाम का जुगाड़ काम नहीं आया।
एनडी तिवारी के नाम का सहारा लेने वाला कॉलेज परीक्षा केंद्र बन गया।
वहीं मुलायम सिंह यादव के नाम का हवाला देने के बावजूद कॉलेज का नाम परीक्षा केंद्र सूची में शामिल नहीं हो पाया।
जमीन-आसमान एक कर दिया
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए सेंटर बनवाने में कॉलेज संचालकों ने जमीन-आसमान एक कर दिया। कईयों के जुगत चली तो को कुछ को निराशा हाथ लगी। 153 से शुरू हुई परीक्षा केंद्रों की संख्या मंडलीय समिति के पास पहुंचते-पहुंचते 159 हो गई है।
जिला परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति ने यूपी बोर्ड के लिए 16 नवंबर को 149 कॉलेजों में 153 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए थे।
सूची में महात्मा गांधी इंटर कॉलेज मलिहाबाद, अमीनाबाद इंटर कॉलेज, शिया इंटर कॉलेज और नवयुग इंटर कॉलेज में दो-दो परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सूची जारी करने के बाद 23 नवंबर तक इस पर आपत्तियां मांगी गई थीं।
दो दर्जन से ज्यादा कॉलेजों ने की गुजारिश
29 नवंबर तक परीक्षा केंद्रों के संबंध में कुल 71 आपत्तियां कॉलेजों की ओर से दर्ज कराई गई थीं। प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए करीब दो दर्जन से ज्यादा कॉलेजों ने अपने यहां परीक्षा केंद्र बनवाने की गुजारिश की थी।
कॉलेज संचालकों की तरफ से दिए प्रत्यावेदन में बोर्ड द्वारा जारी केंद्र नीति के मानक से कॉलेज को योग्य करार देते हुए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कहा था।
इन्होंने लगाया मुलायम का जैक
प्रत्यावेदन देने के दौरान कॉलेज संचालक सपा नेताओं से लेकर मंत्री के नाम से भी सिफारिश लगवा रहे थे। काकोरी स्थित काकोरी कन्या इंटर कॉलेज ने विद्यालय का उद्घाटन मुलायम सिंह यादव द्वारा करने की बात कहते हुए अपने यहां सेंटर बनवाने की बात कही थी।
इसी तरह निलमथा स्थित मां श्री महाकाली इंटर कॉलेज के नाम की सिफारिश करते हुए शख्स ने खुद को पूर्व मुख्मंत्री एनडी तिवारी के ओएसडी के यहां से आने की बात कहते हुए कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाने की बात कही थी।
लेकिन, यहां चली एनडी की
काकोरी कन्या इंटर कॉलेज में सेंटर नहीं बना, लेकिन मां श्री महाकाली इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा केंद्र के साथ ही कॉलेजों की ओर से परीक्षा केंद्र की दूरी ज्यादा होने और धारण क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी आवंटित करने संबंधी आपत्तियां भी दर्ज कराई गई थीं।
जिला परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति द्वारा मंडलीय समिति को सूची भेजने की अंतिम तिथि 29 नवंबर निर्धारित की गई थी। पर काफी खींचतान के बाद 13 दिसंबर को सूची मंडलीय समिति को भेजी जा सकी।
159 पर जा टिकी संख्या
इस दौरान परीक्षा केंद्रों की संख्या घटती-बढ़ती रही। 153 से बढ़कर परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़कर पहले 156 उसके बाद 158 और आखिर में 159 तक जा पहुंची है। इस दौरान जिन कॉलेजों में दो-दो परीक्षा केंद्र थे उनमें से केवल नवयुग को छोड़कर सभी कॉलेजों में एक-एक परीक्षा केंद्र रखा गया है।
इसके बजाय महिला पीजी कॉलेज में एक बजाय दो परीक्षा केंद्र बनाने की बात जिला विद्यालय निरीक्षक कह रहे हैं।