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ND बने 'आशिकों के राजा', बुढ़ापे में बजाया बैंड बाजा

Thu, 15 May 2014 06:19 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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कांग्रेस के 88 वर्षीय वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी ने आखिरकार रोहित शेखर की मां उज्ज्वला शर्मा को कानूनी रूप से अपनी पत्नी बना लिया।
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उन्होंने उज्ज्वला शर्मा से माल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर गुपचुप तरीके से शादी कर ली। सूत्रों ने बताया कि तिवारी और उज्ज्वला ने रात में ही प्लान बनाया और शादी कर ली।

दिलचस्प बात यह है कि इसके बारे में तिवारी के खास लोगों तक को कोई जानकारी नहीं है। बृहस्पतिवार को टीवी पर खबर देखने के बाद तिवारी के सगे-सम्बंधी को यह बात पता चली।
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बताते चलें कि पिछले कुछ दिनों से उज्ज्वला शर्मा एनडी तिवारी के साथ रह रही हैं। उज्ज्वला तिवारी के आवास के सामने धरने पर बैठ गई थीं।

तिवारी और उज्ज्वला के साथ रहने पर तिवारी के ओएसडी भवानी भट्ट नाराज होकर 10 दिन की छुट्टी पर चले गए थे।

मां-पापा की शादी में नहीं आया बेटा

उज्‍ज्वला शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि ये शादी मंगलवार को तय हुई थी। तैयारियां पूरी की गईं और बुधवार रात ब्याह रचाया गया।

उन्होंने कहा, अब तक मैं इस घर में खुद को मेहमान समझती थी लेकिन अब यह मेरा अपना घर बन गया है। मैं खुद को असुरक्षित महसूस करती थी, पर शादी के बाद सुरक्षा का भाव आ गया है।

उज्जवला ने यह भी बताया कि विवाह समारोह के दौरान एनडी तिवारी के कुछ करीबी लोग थे और मेरे भैया-भाभी।

एनडी-उज्‍ज्वला की शादी पहाड़ी रीति-रिवाजों से जरूर की गई, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों की संतान रोहित शेखर इसमें क्यों शामिल नहीं हुए।

कुछ दिन पहले हुआ था यह मामला

कुछ दिन पहले डॉ. उज्ज्वला शर्मा और ‌एनडी तिवारी का मसला उस वक्त दोबारा स‌ुर्खियों में आ गया था जब उज्‍ज्वला को तिवारी के घर में जाने से रोका गया और उसके बाद वह धरने पर बैठ गईं।

उज्‍ज्वला तिवारी के आवास के आगे कई घंटे धूप में बैठी रहीं। बाद में तिवारी खुद उन्हें घर के भीतर ले आए। उसके बाद उज्‍ज्वला और तिवारी साथ-साथ रहने लगे।

उज्‍ज्वला का कहना था कि वह सिर्फ तिवारी के साथ रहना चाहती हैं और उनकी सेवा करना चाहती हैं।
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उज्‍ज्वला के साथ ओएसडी ने‌ किया बुरा बर्ताव

30 अप्रैल को लखनऊ में वोटिंग से पहले उज्‍ज्वला कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी के समर्थन के लिए दिल्ली से लखनऊ आईं थीं।

उन्होंने हजरतगंज में तिवारी का काफिला देखा तो कार रोकने का इशारा किया।

यह बात तिवारी के ओएसडी भवानी भट्ट को नागवांर गुजरी और उसने इसका विरोध‌ किया और पुलिस बुला ली।

उज्‍ज्वला ने आरोप लगाया कि ओएसडी और तिवारी के भतीजे नहीं चाहते हैं कि वह तिवारी के करीब आएं।
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