राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने भले ही साल में दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने की व्यवस्था दी हो पर यूपी में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि 2011 के बाद से अब तक मात्र तीन बार ही टीईटी कराई जा सकी है।
2015 में 29 दिसंबर को टीईटी कराने का प्रस्ताव शासन को मिला था, लेकिन क्षेत्र पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते इस पर सहमति नहीं बन सकी। इन स्थिति में अब यही संभावना बन रही है कि टीईटी इस वर्ष न होकर 2016 में होगी।
एनसीटीई ने कक्षा आठ तक के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य कर दिया है। इसे पास किए बिना शिक्षक बन पाना संभव नहीं है। राज्य सरकार ने सबसे पहले 2011 में टीईटी कराया था।