विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कारसेवकपुरम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि लालच, भय और धोखे से जो धर्मांतरण होता है। उसे रोकने के लिए राष्ट्रीय कानून बनाया जाना चाहिए। कुछ राज्यों में इसको रोकने के लिए कानून तो है लेकिन समस्या व साजिश राष्ट्रव्यापी है।
विहिप मुख्यालय कारसेवकपुरम में संचालित दो दिवसीय समरसता विभाग के केंद्रीय बैठक में शामिल होने पहुंचे विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने धर्मांतरण व लव जिहाद के खिलाफ राष्ट्रीय कानून बनाए जाने की आवश्यकता जताई है।
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उन्होंने कारसेवकपुरम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि लालच, भय और धोखे से जो धर्मांतरण होता है। उसे रोकने के लिए राष्ट्रीय कानून बनाया जाना चाहिए। कुछ राज्यों में इसको रोकने के लिए कानून तो है लेकिन समस्या व साजिश राष्ट्रव्यापी है।
कहा कि उत्तरप्रदेश में लव जिहाद को लेकर जो कानून बना है, उससे काफी असर पड़ा है। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि धर्मांतरण व लवजिहाद पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया जाए। आलोक कुमार ने बताया कि समरसता युक्त भारत निर्माण के लिए देश में विश्व हिंदू परिषद जनजागरण अभियान चलाएगी। प्रखंड स्तर तक 14 जनवरी को समरसता दिवस के कार्यक्रम होंगे। देश में 16 फरवरी को पूरे देश में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम होंगे।
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इसी तरह भीमराव आंबेडकर, महर्षि बाल्मीकि, संत कबीर व अन्य महापुरुषों क जयंती भी मनाई जाएगी। कहा कि अनुसूचित जाति के बंधुओं को हिंदू समाज में सामाजिक न्याय मिले। समान बराबरी का व्यवहार हो। ऐसा समरसता युक्त वातावरण बनाने के लिए जनजागरण कर विविध कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। कहा कि देश के पिछड़े इलाकों में अभियान चलाया जाएगा।
आलोक कुमार ने कहा कि वामंपथी और बाकी लोगों ने परस्पर भेद निर्माण करने के लिए वैचारिक आक्रमण किए हैं। हम यूनिवर्सिटी, बड़े-बड़े कॉलेजों आदि को साथ मिलाकर इन वैचारिक हमलों के विरुद्ध काम करेंगें। 2022 में राष्ट्रीय सेमिनार के जरिए लोगों के जागरूक किया जाएगा।
कहा कि विहिप की योजना है कि मंदिर सबके लिए खुलें। पानी के स्रोत बंटे नहीं सबके लिए एक हों। मृत्यु के बाद सभी हिंदू जाति बिरादरी के लोगों को एक ही श्मशान भूमि उपलब्ध हो। इस पर विहिप जनजागरण के माध्यम से काम करेगी। पत्रकार वार्ता के दौरान विहिप के केंद्रीय मंत्री ओमप्रकाश, अखिल भारतीय समरसता प्रमुख देवजीभाई, महंत भारत भूषण दास सहित अन्य मौजूद रहे।
सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों देश के मठ-मंदिर
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश में बहुत सारे राज्य ऐसे हैं जहां मंदिर सरकार के नियंत्रण में हैं। तमिलनाडु में जो मंदिर है उसको आय का 16 प्रतिशत सरकार के खजाने में जमा करना पड़ता है। ढाई से चार प्रतिशत ऑडिट फीस देनी पड़ती है।
कहीं सरकार मंदिर की व्यवस्था सही नहीं चल रही है ऐसा कहकर बाबू बैठा देती है। जिसका वेतन भी मंदिर को ही देना होता है। सरकार जब मस्जिद, गिरिजाघर व चर्च पर नियंत्रण नहीं करती है तो मंदिर को भी नियंत्रण मुक्त होना चाहिए। कहा कि केंद्र सरकार से अपील है कि मठ-मंदिर व धार्मिक संस्थाओं को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति दिलाकर हिंदुओं को सौँपा जाए। विहिप ने इसकी दिशा में काम शुरू कर दिया है।
आलोक कुमार ने डिप्टी सीएम केशव मौर्या के मथुरा, काशी को लेकर दिए बए बयान पर कहा अभी हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है। विहिप का स्टैंड साफ है। रामलला जब तक जन्मस्थान पर अपने भव्य गर्भगृह में विराजमान नहीं हो जाते तब तक हम अन्य विषयों पर विचार नहीं करेंगे। मथुरा, काशी आदि अन्य विषयों पर 2024 के बाद विचार करेंगे। कहा कि छह दिसंबर देश के लिए बड़ा दिन है। बजरंग दल हर वर्ष इस दिन आयोजन करता है, हमारा आह्वान है कि जो आयोजन परंपरागत होते हों वह किए जाएं। कहा कि हम गीता जयंती के क्रम में भी इस दिन कार्यक्रम करते हैं।