लखनऊ के नेशनल इंटर कॉलेज में सहायक भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए सॉल्वर गैंग के मामले में दयानंद इंटर कॉलेज भी जांच के घेरे में आ गया है। एसटीएफ ने इस कॉलेज के तीन शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी करते पकड़ा था।
शिक्षा विभाग ने कॉलेज पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। एसटीएफ की ओर से पकड़े गए नौ लोगों में तीन शिक्षक राम इकबाल शुक्ला, दयाशंकर जोशी और अशोक कुमार मिश्रा दयानंद इंटर कॉलेज के हैं।
ये तीनों अभ्यर्थियों को नकल कराते पकड़े गए। सूत्रों की मानें तो राम इकबाल ने ही कक्ष निरीक्षकों को तैयार कर नकल कराने की रणनीति बनाई थी। फिलहाल एसटीएफ पड़ताल कर रही है और शिक्षा विभाग ने अपने स्तर से कॉलेज पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि दयानंद इंटर कॉलेज को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। भविष्य में वह किसी प्रतियोगी परीक्षा का सेंटर नहीं बन पाएगा। पूरे मामले पर कॉलेज से भी पक्ष मांगा जाएगा। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने एक शिक्षक को हटा दिया है। प्रशासन की मानें तो परीक्षा में ड्यूटी करने की सूचना उन्हें नहीं थी।