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MHRD रैंकिंग: पीजीआई का चौथा स्थान, आईआईएम का रुतबा कायम, केजीएमयू खिसका

Tue, 09 Apr 2019 02:37 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2019 में राजधानी के कई शिक्षण संस्थानों ने स्थान बनाया है। मंत्रालय ने नौ श्रेणी में संस्थानों की सूची जारी की है।
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एनआईआरएफ की ओवरऑल संस्थानों की सूची में लखनऊ से सिर्फ किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ही स्थान बना पाया है। हालांकि उसकी रैंक भी खिसकी है। वहीं पीजीआई ने पहली बार एनआईआरएफ में आवेदन किया और मेडिकल संस्थानों में देश भर में चौथा स्थान प्राप्त कर राजधानी का नाम रोशन किया है।

एनआईआरएफ हर साल देश भर के शिक्षण संस्थानों की विभिन्न पैरामीटर पर रैंकिंग जारी करता है। इस साल भी यह सूची नौ श्रेणी-ओवरऑल, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, कॉलेज, मैनेजमेंट, फॉर्मेसी, मेडिकल, आर्किटेक्चर और लॉ में जारी की गई है।
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ओवरऑल श्रेणी में राजधानी से सिर्फ केजीएमयू ने ही स्थान बनाया है। पिछले साल वह जहां 23वें स्थान पर था वहीं इससे खिसककर वह 42वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि मेडिकल संस्थानों में भी उसकी साख घटी है। वह 5वें से लुढ़ककर 10वें स्थान पर पहुंच गया। विश्वविद्यालयों की सूची में वह 15वें से खिसककर 25वें स्थान पर पहुंच गया।
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केजीएमयू : ..पर इलाज से लेकर शिक्षा में आई गिरावट

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केजीएमयू में पढ़ाई से लेकर इलाज तक की व्यवस्था में गिरावट दर्ज हो रही है। बदइंतजामी से केजीएमयू की राष्ट्रीय स्तर पर साख में भी कमी आई है। 16 बिंदुओं पर तय रैंकिंग में प्रशिक्षण, शिक्षण, मरीजों का इलाज व चिकित्सीय सुविधाएं शामिल है।

केजीएमयू में डॉक्टरों की आपसी खींचतान व इलाज की गुणवत्ता में आई गिरावट, नए कोर्स के न शुरू होने की वजह से रैकिंग में गिरावट आई है। कई विभागों में डीएम व एमसीएच कोर्स शुरू नहीं हो सके। इंडोक्राइनोलॉजी, गेस्ट्रोमेडिसिन, नेफ्र ोलॉजी, क्रिटिकल केयर, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर, न्यूक्लीयर मेडिसिन समेत दूसरे विभाग में सुपर स्पेशिएालिटी के कोर्स शुरू नहीं हो पाए हैं। केजीएमयू के डॉक्टरों ने भी यहां का साथ छोड़कर चले गए।

प्रबंधन संस्थानों में आईआईएम चौथे स्थान पर बरकरार
भारतीय प्रबंध संस्थान-लखनऊ ने प्रबंधन संस्थानों में अपना स्थान बरकरार रखा है। देश भर के प्रबंधन संस्थानों में उसने इस साल भी फिर चौथा स्थान हासिल किया है। पिछले साल भी वह यहीं था। इस साल राजधानी से जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने भी प्रबंधन संस्थानों की सूची में स्थान बनाया है। उसे 68वीं रैंक मिली है।

इंटीग्रल विवि फॉर्मेसी में 40वें नंबर पर
फॉर्मेसी के क्षेत्र में इंटीग्रल विवि ने एक बार फिर लखनऊ की लाज रखी है। फॉर्मेसी की पढ़ाई में इंटीग्रल विवि को देश में 40वां स्थान प्राप्त किया है। हालांकि पिछले साल वह 36वें स्थान पर था।
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देखें, विवि कई लेकिन रैंकिंग में नहीं आए

डेमो - फोटो : amar ujala
लोहिया विधि विवि खिसककर 14वें नंबर पर
देश के शीर्ष विधि संस्थानों की सूची में लखनऊ का डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विवि एकमात्र संस्थान है। विधि विश्वविद्यालय ने देश भर के विधि शिक्षण संस्थानों में 14वीं रैंक हासिल की है। पिछली बार उसकी रैंक 8 थी। विश्वविद्यालय में शोध व प्लेसमेंट के स्तर में आई गिरावट को इसका कारण बताया जा रहा है। रिसर्च वर्क और पब्लिकेशन में विश्वविद्यालय काफी पिछड़ा हुआ है। पिछले एक साल में न कोई पेपर प्रकाशित हुआ न ही कोई पीएचडी अवार्ड हुई।

विवि कई लेकिन रैंकिंग में नहीं आए
राजधानी में कई विश्वविद्यालय हैं लेकिन लखनऊ विश्वविद्यालय, बीबीएयू, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय समेत कोई भी प्राइवेट विश्वविद्यालय रैंकिंग में अपनी जगह नहीं बना सके।

इससे राजधानी के विश्वविद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। खास ये कि पिछले कुछ वर्षों से इसमें से कई विश्वविद्यालय एनआईआरएफ की रैंकिंग में आवेदन भी नहीं करते। पिछले साल भी आवेदन करने वालों को कोई स्थान नहीं मिला।

ये हैं मानक
रैकिंग में कुल मिलाकर पांच पैरामीटर्स को शामिल किया गया। इनमें टीचर्स लर्निंग रिसोर्स, रिक्वॉयर्ड पैरेंट्स कांफ्रेंस, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरीच एंड इंक्लूसिविटी और पर्सेप्शन को आधार बनाया गया है। हर पैरामीटर्स के लिए अधिकतम 100 अंक निर्धारित थे। इन्हीं में से संस्थान को नंबर दिए गए थे। पांचों को जोड़कर औसत रैंक निकाली गई है। एनआईआरएफ में केवल उन्हीं संस्थानों को शामिल किया गया है जिन्होंने निर्धारित प्रोफार्मा पर सूचनाएं भेजीं। उनसे मिली सूचनाओं को एनआईआरएफ अपने स्तर से सत्यापित करता है। इस सत्यापन के बाद ही उन्हें अंक दिए जाते हैं।
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